कोरबा। छत्तीसगढ़ शासन की पी. एम. विश्वकर्मा योजना ने कोरबा जिले की शाहिना अंजुम के जीवन में एक नई दिशा दी है। परंपरागत दर्जी कार्य से जुड़ी शाहिना हमेशा से अपने व्यवसाय को आधुनिक तरीके से आगे बढ़ाना चाहती थीं, परंतु संसाधनों और बेहतर तकनीक की कमी उनके सामने बड़ी चुनौती थी।
लाइवलीहुड कॉलेज कोरबा में टेलर (दर्जी) ट्रेड का प्रशिक्षण उनके लिए अवसरों का नया द्वार साबित हुआ। प्रशिक्षण के दौरान शाहिना ने न सिर्फ आकर्षक और आधुनिक डिज़ाइनिंग के तरीके सीखे, बल्कि नए उपकरणों का उपयोग कर गुणवत्तापूर्ण और आकर्षक परिधान तैयार करना भी सीखा। इस कौशल विकास ने उनके आत्मविश्वास को कई गुना बढ़ा दिया।
सरकार की योजना के माध्यम से उन्हें एक सप्ताह के प्रशिक्षण के दौरान चार हजार रुपये का स्टाइपेंड मिला, जिससे प्रशिक्षण अवधि में आर्थिक सहयोग मिला। इसके साथ ही बिना गारंटर एक लाख रुपये तक का लोन प्राप्त होना उनके लिए बड़ा सहारा साबित हुआ। इसी आर्थिक सहायता से उन्होंने अपनी दर्जी की दुकान को आधुनिक रूप देकर काम का दायरा बढ़ाया।
आज शाहिना अंजुम अपने हुनर, मेहनत और सरकारी योजनाओं के सहयोग से अपने परंपरागत व्यवसाय को नई ऊंचाइयों पर ले जा रही हैं। उनकी कहानी इस बात का प्रमाण है कि सही प्रशिक्षण, तकनीक और थोड़ी सी आर्थिक सहायता से कोई भी उद्यम नई उड़ान भर सकता है। शाहिना अब आत्मनिर्भर हैं और अपने कार्य से परिवार का सम्मानपूर्वक जीवनयापन कर रही हैं।
