छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़ जिले में बेरोजगार युवाओं के लिए सरकारी नौकरी का एक शानदार मौका आया है। जिले के पीएम श्री एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में अतिथि शिक्षकों की सीधी भर्ती की जा रही है। इसके लिए कोई लिखित परीक्षा नहीं होगी। इसके लिए 2 अप्रैल 2026 को सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक मनेंद्रगढ़ के जनपद पंचायत आयुक्त सभागार में वॉक-इन इंटरव्यू आयोजित किया जाएगा। इसमें जीव विज्ञान, गणित, अंग्रेजी और कंप्यूटर साइंस जैसे विभिन्न विषयों के लिए 21 से 35 साल की उम्र के उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं।
16 पदों पर भर्ती के लिए वॉक-इन इंटरव्यू
छत्तीसगढ के मनेन्द्रगढ़ कार्यालय कलेक्टर आदिवासी विकास की ओर से जारी सूचना के अनुसार, पीएम श्री एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में अतिथि शिक्षकों के 16 पदों पर भर्ती के लिए वॉक-इन इंटरव्यू आयोजित किया जाएगा।
राष्ट्रीय आदिवासी छात्र शिक्षा समिति के अंतर्गत भर्ती
मनेन्द्रगढ़ जिला पीआरओ ने सोमवार को बताया कि यह भर्ती राष्ट्रीय आदिवासी छात्र शिक्षा समिति के अंतर्गत की जा रही है। राष्ट्रीय आदिवासी छात्र शिक्षा समिति जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन संचालित होती है।
2 अप्रैल को सुबह 11 से शाम 5 बजे तक इंटरव्यू
इंटरव्यू 2 अप्रैल को सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक जनपद पंचायत आयुक्त सभागार, मनेंद्रगढ़ में होगा। इच्छुक अभ्यर्थियों को निर्धारित प्रारूप में आवेदन पत्र भरकर शैक्षणिक दस्तावेजों की मूल प्रतियों एवं स्वप्रमाणित छाया प्रतियों के साथ हाजिर होना होगा।
इन विषयों के लिए नियुक्ति
रिक्त पदों में पीजीटी स्तर के जीव विज्ञान, रसायन विज्ञान, इतिहास, भूगोल, गणित, अंग्रेजी, अर्थशास्त्र, वाणिज्य, कंप्यूटर साइंस, सामाजिक विज्ञान सहित विभिन्न विषय शामिल हैं।
इन स्कूलों में होगी भर्ती
ये पद पीएम श्री एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय पोड़ीडीह विकासखण्ड खड़गवां एवं पीएम श्री एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय जमथान विकासखण्ड भरतपुर में कक्षा 6वीं से 12वीं तक के लिए निर्धारित किए गए हैं। आयु सीमा 21 से 35 वर्ष निर्धारित की गई है।
प्रांतीय अतिथि शिक्षकों ने खोला मोर्चा
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में काम कर रहे प्रांतीय अतिथि शिक्षकों (विद्यामितान) ने अपनी मांगों के लिए एक दिन पहले ही रविवार को दुर्ग में बड़ा प्रदर्शन किया और भारी संख्या में शिक्षक स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के घर का घेराव करने पहुंचे। इस प्रदर्शन में सरगुजा और कांकेर समेत कई जिलों के शिक्षक शामिल हुए जिनका कहना है कि वे वर्षों से नियमित शिक्षकों की तरह सारा काम कर रहे हैं लेकिन उन्हें अब तक न तो स्थायी नौकरी मिली है और न ही बराबर वेतन दिया जा रहा है।
