छत्तीसगढ़ कैबिनेट के बड़े फैसले: युवाओं के लिए ₹500 करोड़ का मिशन, सरकारी कर्मचारियों की उम्र सीमा 45 साल

प्रादेशिक मुख्य समाचार

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रालय महानदी भवन में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में युवाओं, रोजगार, कौशल विकास, निर्यात, सरकारी कर्मचारियों और न्यायिक अधोसंरचना से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगी। कैबिनेट के निर्णयों में युवाओं के लिए 500 करोड़ रुपये के मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं NIPUN मिशन की मंजूरी और सरकारी कर्मचारियों के लिए अधिकतम आयु सीमा 38 से बढ़ाकर 45 वर्ष करने का फैसला खास तौर पर अहम है।

सरकार ने प्रदेश में स्टार्टअप और नवाचार को बढ़ावा देने के साथ युवाओं को उद्योगों की जरूरत के मुताबिक प्रशिक्षण देने की दिशा में भी बड़ा कदम उठाया है। वहीं, छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख निर्यात केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए नई निर्यात प्रोत्साहन नीति को भी मंजूरी दी गई है।

युवाओं के लिए ₹500 करोड़ का मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं NIPUN मिशन

कैबिनेट ने प्रदेश के युवाओं को रोजगार, कौशल विकास, उद्यमिता और नवाचार के नए अवसर उपलब्ध कराने के लिए ‘मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं NIPUN मिशन’ को मंजूरी दी है।

इस मिशन के लिए अगले पांच वर्षों में 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसका उद्देश्य युवाओं को केवल नौकरी तलाशने तक सीमित न रखते हुए उन्हें रोजगार देने वाला उद्यमी बनाने पर जोर देना है।

मिशन के तहत ये सुविधाएं विकसित होंगी

  • सभी 33 जिलों में उद्यमिता विकास केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
  • 100 इमर्जिंग टेक्नोलॉजी लैब तैयार की जाएंगी।
  • 5 इंडस्ट्री एक्सीलेंस सेंटर स्थापित होंगे।
  • NIPUN JOB Engine के माध्यम से उद्योगों की जरूरत के अनुसार कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा।
  • औपचारिक रोजगार को बढ़ावा देने के लिए युवाओं को उद्योगों से जोड़ा जाएगा।
  • स्टार्टअप, नवाचार और नई तकनीक आधारित उद्योगों को प्रोत्साहन मिलेगा।

सरकार का लक्ष्य छत्तीसगढ़ को स्टार्टअप और नई तकनीक आधारित उद्योगों के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करना है।

छत्तीसगढ़ निर्यात प्रोत्साहन नीति 2026-30 को मंजूरी

प्रदेश को देश के प्रमुख निर्यात केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ निर्यात प्रोत्साहन नीति 2026-30 को भी मंजूरी दी है।

नई नीति के जरिए निर्यात के लिए मजबूत इकोसिस्टम और बेहतर लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने की योजना है। इससे राज्य के निर्यातकों को बाजार तक पहुंच और व्यापार से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर रहेगा।

कृषि और औद्योगिक क्षेत्र में तैयार होने वाले मूल्य संवर्धित उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके अलावा ई-कॉमर्स, व्यापार मेलों और प्रदर्शनियों के जरिए स्थानीय उद्यमियों और निर्यातकों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच बनाने में मदद की जाएगी।

नवा रायपुर में बनेगा नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट

नवा रायपुर अटल नगर में नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (NSTI) की स्थापना का रास्ता भी साफ हो गया है। कैबिनेट ने ग्राम तेंदुवा में भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमशीलता निदेशालय को 10 एकड़ जमीन निःशुल्क आवंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।

लगभग 200 करोड़ रुपये की लागत से विकसित होने वाले इस संस्थान में आधुनिक शैक्षणिक, प्रशासनिक और छात्रावास सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

संस्थान में—

  • दीर्घकालिक पाठ्यक्रमों में हर साल 1,000 प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण मिलेगा।
  • अल्पकालीन कार्यक्रमों में 3,000 प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण दिया जा सकेगा।
  • उद्योगों की जरूरत के अनुरूप आधुनिक तकनीकी एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण मिलेगा।
  • युवाओं के लिए इंटर्नशिप और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

इससे नवा रायपुर को कौशल एवं तकनीकी शिक्षा के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

सरकारी कर्मचारियों को बड़ी राहत, उम्र सीमा 45 साल

कैबिनेट ने सरकारी और संबद्ध संस्थानों में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए भी बड़ा फैसला लिया है। अन्य शासकीय सेवाओं और उच्च पदों के लिए आवेदन करने की निर्धारित अधिकतम आयु सीमा 38 वर्ष से बढ़ाकर 45 वर्ष करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।

यह राहत राज्य शासन के अधीन कार्यरत स्थायी और अस्थायी शासकीय सेवकों के साथ-साथ निगम-मंडल एवं स्वशासी संस्थाओं के कर्मचारियों, संविदाकर्मियों और नगर सैनिकों को मिलेगी।

सरकार के अनुसार, इस फैसले से कर्मचारियों को दूसरी शासकीय सेवाओं और उच्च पदों पर जाने के लिए अधिक अवसर मिलेंगे। इस संबंध में राज्य शासन की ओर से एकीकृत स्थायी दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।

दुर्ग जिला न्यायालय के नए भवन का रास्ता साफ

मंत्रिपरिषद ने दुर्ग जिला न्यायालय के नवीन भवन निर्माण के लिए ग्राम तितुरडीह में बीआईटी कॉलेज के पास 4 हेक्टेयर जमीन उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है।

यह जमीन भिलाई इस्पात संयंत्र के नाम दर्ज है। इसके बदले ग्राम पाहंदा, तहसील पाटन में 5.024 हेक्टेयर शासकीय भूमि भिलाई इस्पात संयंत्र को दी जाएगी। दोनों भूखंडों का वर्तमान मूल्य लगभग समान बताया गया है।

इस फैसले से दुर्ग में आधुनिक और व्यवस्थित जिला न्यायालय परिसर के निर्माण का मार्ग प्रशस्त होगा। साथ ही जिले की न्यायिक अधोसंरचना को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

एक नजर में 09 सितंबर के बड़े कैबिनेट फैसले

फैसला मुख्य बिंदु
मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं NIPUN मिशन 5 वर्षों में ₹500 करोड़
उद्यमिता विकास केंद्र सभी 33 जिलों में
इमर्जिंग टेक्नोलॉजी लैब 100 लैब
इंडस्ट्री एक्सीलेंस सेंटर 5 सेंटर
निर्यात प्रोत्साहन नीति 2026-30
NSTI नवा रायपुर 10 एकड़ जमीन, करीब ₹200 करोड़ की परियोजना
सरकारी कर्मचारियों की आयु सीमा 38 से बढ़कर 45 वर्ष
दुर्ग जिला न्यायालय तितुरडीह में 4 हेक्टेयर भूमि

कुल मिलाकर, 09 सितंबर की मंत्रिपरिषद बैठक में लिए गए फैसलों में रोजगार, कौशल विकास, स्टार्टअप, निर्यात और सरकारी कर्मचारियों के अवसर को प्रमुखता दी गई है। सरकार की इन पहलों का उद्देश्य युवाओं को नई तकनीक और उद्योगों से जोड़ने के साथ प्रदेश की आर्थिक गतिविधियों को भी गति देना है।

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