रायपुर। बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में प्रशासन ने अवैध धान भंडारण और परिवहन के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। जिले में सभी अंतर्राज्यीय सीमाओं और चेक पोस्टों पर चौकसी को और मजबूत किया गया है और 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन ने यह कदम पारदर्शी एवं निष्पक्ष धान खरीदी नीति के तहत उठाया है, ताकि अनियमितताओं और धान की तस्करी को रोका जा सके। अब तक जिले में कुल 85 प्रकरण दर्ज किए गए हैं, जिनमें 11,298.10 क्विंटल अवैध धान जब्त किया गया। इसके साथ ही 36 चार पहिया वाहन और 10 दोपहिया वाहन कुल 46 वाहनों को कब्जे में लिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई प्रशासन की सतत निगरानी और संयुक्त दलों की सक्रियता का परिणाम है।
कलेक्टर के निर्देशन में सक्रियता
कलेक्टर बलरामपुर-रामानुजगंज के मार्गदर्शन में जिले में अवैध धान भंडारण एवं परिवहन के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। कलेक्टर ने सभी अंतर्राज्यीय और आंतरिक चेक पोस्टों पर टीमों को तैनात किया है। इन दलों का मुख्य उद्देश्य संदिग्ध वाहनों और परिवहन गतिविधियों की सघन जांच करना है। प्रत्येक अनुविभाग में गठित निगरानी दल रात्रि कालीन गश्त के साथ-साथ आने-जाने वाले वाहनों की जांच कर रहे हैं। इस दौरान मंडी अधिनियम और संबंधित कानूनों के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा रही है। कलेक्टर ने बताया कि जिले में किसी भी अवैध धान के परिवहन या भंडारण की सूचना मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जाती है।
संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष नजर
प्रशासन ने बताया कि अब सभी चेक पोस्टों पर संदिग्ध वाहनों, ट्रकों और अन्य परिवहन साधनों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसमें सीमा पार से आने वाले वाहनों की जांच भी शामिल है। अधिकारी मानते हैं कि इस निगरानी से धान तस्करी और अवैध भंडारण की घटनाओं में कमी आएगी। कलेक्टर ने आम नागरिकों और किसानों से अपील की है कि यदि वे किसी संदिग्ध गतिविधि को देखें या कोई जानकारी प्राप्त हो तो प्रशासन को तुरंत सूचित करें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
अवधारणाएँ और प्रशासनिक कदम
अधिकारियों ने बताया कि अवैध धान का भंडारण और परिवहन अक्सर मंडियों के बाहर किया जाता है। ऐसे मामलों में प्रशासन तेजी से हस्तक्षेप करता है और आरोपी वाहन मालिकों तथा दलालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाती है। बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में लगातार रात्रि गश्त और चेकिंग अभियान से अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण रखा जा रहा है।
भविष्य की योजना और सतत निगरानी
प्रशासन की योजना है कि आने वाले दिनों में जिले में और सघन निगरानी रखी जाएगी। इसके तहत नियमित अंतराल पर चेक पोस्टों और मंडियों की निरीक्षण टीमों की गतिविधियों का मूल्यांकन किया जाएगा। यह कदम धान खरीदी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाए रखने और किसानों के हितों की सुरक्षा के लिए उठाया गया है।
कलेक्टर ने कहा, “हमारा लक्ष्य है कि अवैध धान तस्करी पूरी तरह समाप्त हो और जिले में सभी गतिविधियाँ कानूनी और पारदर्शी हों। नागरिक और किसान हमारी सबसे बड़ी सहायता हैं। उनकी सतर्कता और सहयोग से ही यह अभियान सफल होगा।” इस प्रकार प्रशासन की सतत निगरानी, संयुक्त दलों की सक्रियता और नागरिकों की भागीदारी से बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में अवैध धान भंडारण और परिवहन पर कड़ी रोक लगाई जा रही है।
