रायगढ़। मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में स्थित अदाणी पावर प्लांट में शनिवार को श्रमिक लल्लन सिंह की मौत के बाद मजदूरों ने कंपनी के ऑफिस में आगजनी कर जमकर विरोध किया। अब रायगढ़ जिले में अदाणी पावर प्लांट में मजदूरों ने हल्ला बोल दिया। सोमवार सुबह से ही पुसौर के बड़े भंडार में अदाणी पावर प्लांट में काम करने वाले कर्मियों और श्रमिकों ने प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। अपनी मांगों को लेकर बड़ी संख्या में कर्मचारी प्लांट के मुख्य द्वार पर जमा हुए और जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का मुख्य आरोप है कि उनसे ओवरटाइम काम कराया जा रहा है, लेकिन उसका भुगतान नहीं किया जा रहा। कर्मियों का कहना है कि पिछले कुछ महीनों से उन्हें समय पर वेतन भी नहीं मिल रहा है, जिससे उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
आरोप है कि मैनेजमेंट द्वारा तय घंटों से ज्यादा काम लिया जाता है, लेकिन ‘ओवरटाइम अलाउंस’ के नाम पर कुछ नहीं दिया जा रहा। 12 से 14 घंटे तक काम लिया जा रहा है। कुछ श्रमिकों ने कार्यस्थल पर सुविधाओं की कमी और सुरक्षा मानकों की अनदेखी की बात भी कही है। बड़े भंडार स्थित प्लांट में हंगामे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे ताकि स्थिति को नियंत्रित किया। एसडीएम महेश शर्मा ने प्लांट प्रबंधन और कर्मियों की आमने सामने की बात कराई। प्रबंधन द्वारा समय पर वेतन देने की बात सुनकर सैकड़ों श्रमिकों ने वहीं शोर मचाना शुरू कर दिया। प्रशासन द्वारा 25 मार्च तक कंपनी को विवाद को शांत करने की बात पर श्रमिक माने और अपना आंदोलन समाप्त किया।
फिलहाल, अदाणी पावर के स्थानीय प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, हालांकि सूत्रों का कहना है कि ठेकेदारों और श्रमिकों के बीच संवाद स्थापित कर मामले को सुलझाने की कोशिश की जा रही है। वहीं, श्रमिकों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनके बकाया वेतन का भुगतान और ओवरटाइम की समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जा सकते हैं। इससे प्लांट के संचालन पर सीधा असर पडऩे की संभावना है। औद्योगिक नगरी रायगढ़ में छोटे बड़े सैकड़ों प्लांट है और सभी अपना काम कर रहे हैं। कुछेक प्लांट में विवाद होते रहते हैं इनमें से अदाणी समूह के रायगढ़ की कंपनियों में विवाद गहराता जा रहा है। विदित हो कि रायगढ़ में जब से अदाणी समूह ने एंट्री मारी है तब से उसका हर जगह विवाद हो ही रहा है।
बड़े भंडार में आज के श्रमिकों के विरोध के अलावे आस पास के गांव में उसकी रेल लाइन को लेकर ग्रामीण 3 महीने से धरना प्रदर्शन कर ही रहे हैं। एसईसीएल की तमनार में प्रस्तावित कोल माइन का एमडीओ लेने के बाद लोगों का विरोध जारी है। सोमवार को प्रभावित ग्रामीणों ने कलेक्टर जनदर्शन में इसकी शिकायत की। इसके पूर्व तमनार के मुड़ागांव में अदाणी के कारिंदो द्वारा जंगलों का सफाया और ग्रामीणों का दमन भी किया गया।
क्या कहते हैं एसडीएम
एसडीएम महेश शर्मा ने बताया कि पुसौर में अदाणी पावर प्लांट में मजूदरों ने वेतन वृद्धि को लेकर विरोध प्रदर्शन किया था। जिस पर प्रशासनिक अमला मौके पर गया। हमने कंपनी प्रबंधन और श्रमिकों को मामले के पटाक्षेप के लिए 25 मार्च तक का समय दिया है। इसके बाद देखते हैं क्या होता है। हमारे अश्वासन के बाद श्रमिकों ने अपना विरोध प्रदर्शन समाप्त किया।
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