बीमारी के भ्रम में पत्नी की हत्या, पति गिरफ्तार

प्रादेशिक मुख्य समाचार

बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले से एक दिल दहला देने वाला और सनसनीखेज हत्याकांड सामने आया है, जिसने रिश्तों की संवेदनहीनता और अंधविश्वास की भयावह तस्वीर उजागर कर दी है। करीब 10 साल पहले हिंदू रीति-रिवाज से शादी कर साथ जीने–मरने की कसमें खाने वाले एक पति ने अपनी ही पत्नी की गला दबाकर हत्या कर दी। हैरानी की बात यह है कि पहले दोनों ने बीमारी से परेशान होकर साथ में आत्महत्या करने की योजना बनाई थी, लेकिन ऐन वक्त पर पति ने पत्नी की जान ले ली और बच्चों का हवाला देकर खुद को मौत से बचा लिया। इस पूरे मामले का खुलासा घटना के दो दिन बाद हुआ, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह मामला राजपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत मुरका का है। आरोपी पति रामदिल लंबे समय से पेट और पैर के दर्द से पीड़ित था। उसने अस्पताल में इलाज कराया, लेकिन आराम नहीं मिला। इसके बाद वह और उसकी पत्नी झाड़फूंक और तांत्रिक क्रियाओं के चक्कर में भी फंस गए। लगातार बीमारी और मानसिक तनाव के चलते दोनों इस नतीजे पर पहुंचे कि अब साथ में जीवन समाप्त कर लेना ही बेहतर है। बताया जा रहा है कि 20 जनवरी 2026 को पति-पत्नी घर से इलाज कराने के नाम पर निकले थे। लौटते समय उनके पास जहर की एक शीशी भी थी, जिससे दोनों आत्महत्या करने वाले थे। लेकिन रास्ते में यह सवाल खड़ा हो गया कि पहले जहर कौन पिएगा। इसी बात पर दोनों के बीच असमंजस और तनाव बढ़ गया। इसी दौरान आरोपी रामदिल ने अचानक अपनी पत्नी पर हमला कर दिया और गला दबाकर उसकी हत्या कर दी।

हत्या के बाद रामदिल ने खुद भी आत्महत्या करने का विचार किया, लेकिन तभी उसे अपने बच्चों का ख्याल आ गया। उसने सोचा कि यदि वह भी मर गया तो बच्चों की देखभाल कौन करेगा। इसी सोच के चलते वह पत्नी की लाश को पास ही एक गन्ने के खेत में फेंककर घर लौट आया। यह पूरी घटना दो दिनों तक किसी को पता नहीं चली। दो दिन बाद आरोपी ने अपने छोटे भाई को पूरी सच्चाई बता दी। भाई के जरिए पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद राजपुर थाना पुलिस हरकत में आई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर गन्ने के खेत से महिला के सड़े-गले शव को बरामद किया और पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और प्रारंभिक जांच में स्पष्ट हुआ कि महिला की मौत गला दबाने से हुई है।

पुलिस ने आरोपी पति रामदिल को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की, जिसमें उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी ने पूछताछ के दौरान हत्या की पूरी वारदात स्वीकार की और किसी तरह का पछतावा भी नहीं जताया। आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। यह घटना न केवल एक जघन्य हत्या की कहानी है, बल्कि समाज में फैले अंधविश्वास, झाड़फूंक और मानसिक दबाव की खतरनाक सच्चाई भी सामने लाती है। जहां एक ओर पत्नी ने पति की बीमारी में उसका साथ निभाते हुए अपनी जान तक दांव पर लगाने की हिम्मत दिखाई, वहीं वही पति उसका हत्यारा बन गया। गांव में इस घटना के बाद दहशत और शोक का माहौल है, वहीं लोग आरोपी की निर्ममता को लेकर स्तब्ध हैं।

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