रायपुर। पश्चिम एशिया संकट के चलते पूरे देश में एलपीजी की किल्लत शुरू हो गई है। छत्तीसगढ़ में भी जगह-जगह से घरेलू गैस सिलेंडर की कमी की तस्वीर सामने आ रही है। लोग परेशान हो रहे हैं और इस पर सियासत भी खूब हो रही है, लेकिन क्राइसिस में लोग अब धड़ल्ले से एलपीजी बुकिंग करा रहे हैं। इसके साथ ही कालबाजारी करने वाले लोग भी सक्रिय हो गए हैं।
दरअसल, छत्तीसगढ़ ऑयल कंपनियों की रिपोर्ट बताती है कि छत्तीसगढ़ में घरेलू गैस उपभोक्ताओं की संख्या 66.62 लाख हैं। इनमें से सिर्फ 10 प्रतिशत उपभोक्ता यानी 6.86 लाख उपभोक्ता ही हर महीने एलपीजी सिलेंडर बुक कराते थे।
24.98 लाख यानी 38% उपभोक्ता ऐसे थे जो 1 से 3 महीने में एक सिलेंडर की बुकिंग कराते थे। 19.54 लाख यानी 29% उपभोक्ताओं ने पिछले एक साल कभी भी एक भी सिलेंडर की बुकिंग नहीं कराई। इसी 66.62 लाख उपभोक्ताओं में से 15.22 लाख यानी 23 प्रतिशत उपभोक्ता ऐसे थे जो 6 महीने में एक सिलेंडर बुक कराते थे। इसी आधार पर पश्चिम एशिया युद्ध शुरू होने से पहले छत्तीसगढ़ में हर दिन सिर्फ 74 हजार गैस सिलेंडर की बुकिंग होती थी, लेकिन जैसे ही युद्ध का संकट शुरू हुआ, एक दिन में गैस सिलेंडर की बुकिंग का आंकड़ा 1.42 लाख सिलेंडर की बुकिंग तक चली गई।
