रायगढ़। रायगढ़ से खौफनाक घटना सामने आई है। यहां ड्यूटी पर तैनात एक महिला कॉन्सटेबल के साथ हिंसा की गई। उसके कपड़े फाड़ने की कोशिश की गई। घटना 27 दिसंबर को कोयला खदान के विरोध के दौरान की है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, तब जाकर ये पूरा मामला सामने आया। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
वीडियो में दिख रहा है कि भीड़ के बीच फंसी महिला कॉन्स्टेबल जमीन पर गिरी हुई है और हमलावर उनकी वर्दी फाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं महिला पुलिसकर्मी रोते हुए छोड़ देने की मिन्नतें कर रही है, लेकिन हमलावर उसके कपड़े फाड़ने की धमकी देते हैं और पूछते हैं कि वो वहां क्यों आई है और फिर उसे वहां से भाग जाने के लिए भी कहते हैं। हालांकि हमलावर फिर भी उसके कपड़े फाड़ते हैं और उसे खींचने की कोशिश करते हैं।
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक यह पूरी हिंसा गारे पेलमा सेक्टर-1 कोयला ब्लॉक से जुड़ी एक जनसुनवाई के विरोध का नतीजा है। दरअसल, 8 दिसंबर 2025 को धौरभाठा में एक जनसुनवाई हुई थी, जिससे 14 गांवों के ग्रामीण नाराज थे। ये ग्रामीण 12 दिसंबर से ही शांतिपूर्ण धरना दे रहे थे, लेकिन 27 दिसंबर को करीब 300 लोगों की भीड़ ने लिब्रा चौक पर रास्ता जाम कर दिया। जब पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, तो स्थिति बिगड़ गई और प्रदर्शनकारियों ने महिला पुलिसकर्मियों को निशाना बनाना शुरू कर दिया। इसी दौरान एक महिला टाउन इंस्पेक्टर (TI) के साथ भी मारपीट की खबरें आईं। रिपोर्ट के मुताबिक एक वीडियो में हमलावर ना सिर्फ महिला कॉन्सटेबल के साथ मारपीट करते नजर आ रहे हैं बल्कि उसे गालियां भी दे रहे हैं।
हैरानी की बात यह है कि इस शर्मनाक घटना का वीडियो खुद प्रदर्शनकारियों ने ही रिकॉर्ड किया था, जो बाद में वायरल हो गया। वीडियो में महिला कॉन्स्टेबल यह कहती भी सुनाई दे रही हैं कि उनकी ड्यूटी कहीं और थी और उन्हें यहां भेजा गया है, उनसे गलती हो गई जो वह यहां आईं।
