CG में नक्सलियों का बंद का दिखा असर

प्रादेशिक मुख्य समाचार
नक्सलियों का बंद का व्यापक असर देखा गया। नक्सलियों के पश्चिम बस्तर डिवीजन कमेटी के सचिव मोहन ने प्रेसनोट जारी कर फर्जी मुठभेड़ मामले में 30 मार्च को बीजापुर बंद के आव्हान किया था। बंद के मद्देनजर जिले में एक तरह से सड़क मार्गों सहित बस्तीयों में सन्नाटा छाया रहा। जानकारी अनुसार जिले के भोपालपटनम, मद्देड़, आवापल्ली, कुटरू, भैरमगढ़, नैमेड, गंगालूर, बासागुड़ा व उसूर में बंद का असर रहा।
नक्सलियों ने प्रेस नोट जारी कर आदिवासियों पर हो रहे फर्जी  मुठभेड़ के अलावा 15 निर्दोष ग्रामीणों की हत्या का आरोप लगाया है। बीजापुर जिला बंद से आवागमन ठप्प रहा। नक्सलियों का खौफ से बीजापुर नगर में साप्ताहिक बंद के बाद भी जो छुटपुट दुकानें खुलती थी वो भी बंद देखी गई। ग्रामीण क्षेत्रों में लगने वाले साप्ताहिक बाजार  प्रभावित रहे। बैंक कार्य बंद से बेअसर रहा। मिली जानकारी अनुसार कुछ स्थानों पर पुलिस द्वारा जबरन दुकानों को खुलवाया गया। नक्सलियों के बंद के फरमान पर जिले में भर एसपी जितेंद्र यादव पुलिस बल को सर्तकता बरतने तथा सर्चिंग अभियान जारी रखने के निर्देश दिये है।
*3 अप्रैल को भी नक्सलियों द्वारा बंद फरमान।*
 बासागुड़ा थाना क्षेत्र चिपुरभट्टी में 27 मार्च को 6 नक्सलियों के मारे जाने
 के मामले को नक्सली नेता मोहन ने फर्जी मुठभेड़ बताया है। नक्सली नेता ने प्रेसनोट में कहा कि चार निर्दोष ग्रामीण थे। जो घर में सोये थे। इसे भी फर्जी मुठभेड़ बताते हुये 3 अप्रेल को बीजापुर सुकमा जिला में बंद का आव्हान किया है। अब इस बंद का कितना असर होता है। यह आने वाले समय पर पता चलेगा। नक्सलियों  के फरमान से बंद होना पुलिस प्रशासन के लिए चुनौती है।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *