छत्तीसगढ़ में अगले 3 दिनों तक मौसम खराब: रायपुर, रायगढ़, बिलासपुर और सारंगढ़ समेत कई जिलों में भारी बारिश और अंधड़ की संभावना

प्रादेशिक मुख्य समाचार

रायपुर: छत्तीसगढ़ में मौसम ने करवट बदल ली है। राज्य के कई जिलों में अगले तीन दिनों तक भारी बारिश, तेज हवाएं और वज्रपात का अनुमान है। मौसम विभाग ने ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी कर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। मौसम विभाग के अनुसार, बीजापुर, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव, कांकेर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद, महासमुंद, बलौदा बाजार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा और दुर्ग जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में 30-40 किमी/घंटा की तेज हवाएं, गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश, और बिजली गिरने की संभावना है।

येलो अलर्ट वाले जिले हैं सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव, कांकेर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, रायपुर, महासमुंद, बलौदा बाजार, जांजगीर-चांपा, बिलासपुर, रायगढ़, कोरबा, जशपुर, बेमेतरा, कबीरधाम, मुंगेली और सरगुजा। इन जिलों में अगले कुछ घंटों में मध्यम बारिश और आंधी का खतरा बना हुआ है।

रायगढ़ में लगातार 14 घंटे से बारिश

रायगढ़ जिले में पिछले 14 घंटे से लगातार बारिश हो रही है। तेज हवाओं और जलभराव के कारण कई सड़कें बंद हैं और लोग अपने घरों में ही कैद हैं। प्रशासन ने लोगों से घर के अंदर रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की चेतावनी दी है।

सरगुजा और बिलासपुर संभाग में भारी बारिश की आशंका

मौसम विभाग ने चेताया है कि सरगुजा और बिलासपुर संभाग के कई हिस्सों में अगले तीन दिनों तक भारी बारिश और वज्रपात होने की संभावना है। खुले में न रहने और बिजली से बचाव के उपाय करने की अपील की गई है।

पिछले 24 घंटे का मौसम रिकॉर्ड

  • अधिकतम तापमान: 32.5°C (दुर्ग)
  • न्यूनतम तापमान: 20°C (दुर्ग)

मुख्य वर्षा रिकॉर्ड (सेमी में):
छुरा 5, कुकरेल 3, कुकदर 3, डौंडी 3, पखांजूर 3, सोनहत 2, भानुप्रतापपुर 2, बड़े बचेली 2, धमतरी 2, बैकुंठपुर 2, रायपुर 2

बंगाल की खाड़ी में सक्रिय दबाव

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है, जिससे 25 अगस्त के आसपास निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। राजस्थान से बंगाल तक मानसून द्रोणिका सक्रिय है, जिससे बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।

प्रशासन की चेतावनी

  • घरों में सुरक्षित स्थान पर रहें।
  • बिजली उपकरणों से दूरी बनाए रखें।
  • जलभराव वाले इलाकों में न जाएं।
  • आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर अपने पास रखें।

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