रायगढ़। सहकारी समितियों में खाद की कमी होने के बाद अब प्राइवेट व्यापारियों ने भी जमाखोरी चालू कर दी है। छोटे व्यापारियों को भी खाद बेचने में गुरेज कर रहे हैं। जब किल्लत बहुत ज्यादा होगी तब स्टॉक निकालकर बेचा जाएगा। इस पर रोक लगाने के लिए कृषि विभाग के अधिकारियों ने पुसौर क्षेत्र के चार दुकानों में जांच की। कलेक्टर ने खाद की कालाबाजारी और ओवरप्राइस में बेचने वाले व्यापारियों पर सख्त कार्रवाई करने का आदेश दिया है। जिले में जितना उर्वरक समितियों में पहुंचा है, करीब उतना ही थोक व्यापारियों को भी दिया गया है। पूरा खेल यहीं से होता है।
खाद विक्रेताओं पर नजर रखने के लिए एसडीओ हरीश राठौर और रोहित पटेल ने केदार फर्टिलाइजर गढ़उमरिया, अग्रवाल खाद पुसौर, प्रधान ट्रेडर्स पुसौर और बाबा मोहनदास एग्रो कसाईपाली में जांच की। प्रधान ट्रेडर्स और केदार फर्टिलाइजर्स के स्टॉक में गड़बड़ी मिली तो नोटिस दिया गया है। सूत्रों के मुताबिक हर बार पूरा खेल थोक व्यापारी ही खेलते हैं। पिछले दिनों कुछ थोक कारोबारियों की फर्म पर जांच के बाद विक्रय पर रोक लगाई गई थी। ग्रामीण क्षेत्र के बिना लाइसेंस वाली दुकानों को खाद सप्लाई की जाती है। असली गड़बड़ी यहीं से होती है।
पूरा चेन सिस्टम है यहां
कृषि विभाग से थोक और खुदरा विक्रय के लिए लाइसेंस लिया जाता है। थोक व्यापारी खाद की आपूर्ति बहुत सोच-समझकर करते हैं। बिना लाइसेंस वाले दुकानों में सप्लाई करने के बाद ज्यादा कीमत में विक्रय कराया जाता है। अब यह काम बहुत ही गोपनीय तरीके से होता है।
