Silver Price Today: साल 2026 की शुरुआत चांदी के लिए जबरदस्त रही है। महज कुछ ही हफ्तों में चांदी 35 फीसदी से ज्यादा चढ़ चुकी है, यानी करीब 85 हजार रुपये प्रति किलो की तेजी दर्ज की गई है। सप्लाई की कमी और अमेरिका, ईरान व ग्रीनलैंड से जुड़े बढ़ते भू-राजनीतिक तनावों ने चांदी की मांग को और मजबूत किया है। इसी वजह से निवेशक अब रुककर यह सोचने को मजबूर हैं कि इस स्तर पर खरीदारी करें, मुनाफा निकालें या फिर होल्ड बनाए रखें।
चांदी की तेजी में नया रिकॉर्ड
इस हफ्ते चांदी की तेजी ने तब नया रिकॉर्ड बनाया, जब MCX पर सिल्वर फ्यूचर्स ने 3 लाख रुपये प्रति किलो का अहम मनोवैज्ञानिक स्तर पार कर लिया। आज के कारोबार में चांदी के दाम 2.5 फीसदी से ज्यादा उछले और करीब 8 हजार रुपये की तेजी के साथ 3,19,949 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए। बाजार में यह उछाल उस वक्त और तेज हो गया जब अमेरिका और यूरोपीय यूनियन के बीच नए तनाव की खबरें सामने आईं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ग्रीनलैंड को लेकर दिए गए बयान और यूरोप पर सख्त टैरिफ लगाने की धमकी से निवेशकों की चिंता बढ़ गई।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट
कमोडिटी एक्सपर्ट आमिर मकड़ा का कहना है कि चांदी में तेजी ‘परफेक्ट स्टॉर्म’ का नतीजा है, जिसमें इंडस्ट्रियल कमी और वैश्विक राजनीति दोनों की बड़ी भूमिका है। हालांकि उन्होंने चेतावनी भी दी है कि तकनीकी चार्ट्स में RSI पर एक बेयरिश डाइवर्जेंस दिख रहा है, जो एक रेड फ्लैग माना जाता है। इसका मतलब यह है कि कीमतें भले ही ऊपर जा रही हों, लेकिन अंदरूनी मजबूती कमजोर पड़ रही है। ओपन इंटरेस्ट में गिरावट भी लॉन्ग अनवाइंडिंग की ओर इशारा कर रही है, ऐसे में मौजूदा निवेशकों को मुनाफावसूली पर ध्यान देना चाहिए।
आगे भी आएगी तेजी!
रिलायंस सिक्योरिटीज के जिगर त्रिवेदी मानते हैं कि निकट भविष्य में चांदी में कुछ समय के लिए कंसोलिडेशन देखने को मिल सकता है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय हालात अगर ऐसे ही रहे तो भाव 100 डॉलर प्रति औंस तक भी जा सकते हैं। रुपये में देखें तो 3,30,000 रुपये प्रति किलो अगला बड़ा रेजिस्टेंस है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स को सतर्क रहना चाहिए, जबकि लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए चांदी अब भी महंगाई और बाजार की अनिश्चितता से बचाव का एक मजबूत विकल्प बनी हुई है।
