रिलायंस जियो प्लेटफॉर्म्स का IPO: भारत के इतिहास का सबसे बड़ा इश्यू?

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Jio IPO: देश की सबसे बड़ी कंपनियों में से एक रिलायंस इंडस्ट्रीज अब अपनी टेलीकॉम यूनिट जियो प्लेटफार्म को शेयर बाजार में उतारने की तैयारी तेज कर रही है। खबर है कि कंपनी इस संभावित आईपीओ के लिए कई बड़े निवेश बैंकों के साथ काम कर रही है। अगर यह योजना आगे बढ़ती है तो यह भारत के इतिहास का सबसे बड़ा आईपीओ साबित हो सकता है।
निवेश बैंकों को सलाहकार चुना गया

सूत्रों के मुताबिक, इस बड़े इश्यू की तैयारी के लिए कंपनी ने कई वैश्विक और भारतीय निवेश बैंकों को सलाहकार के तौर पर चुना है। इनमें BofA सिक्योरिटीज, सिटीग्रुप, गोल्डमैन सैक्स, जेएम फाइनेंशियल, कोटक महिंद्रा कैपिटल और मॉर्गन स्टेनली शामिल हैं। माना जा रहा है कि आगे चलकर इस प्रक्रिया में कुछ और सलाहकार भी जोड़े जा सकते हैं, ताकि आईपीओ की तैयारी को अंतिम रूप दिया जा सके।
रिलायंस समूह की पहला बड़ा IPO

यह आईपीओ इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि यह लगभग दो दशकों में मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली रिलायंस समूह की किसी बड़ी इकाई का पहला पब्लिक इश्यू होगा। जियो प्लेटफॉर्म्स आज देश की सबसे बड़ी वायरलेस टेलीकॉम कंपनी बन चुकी है और डिजिटल सेवाओं, इंटरनेट, क्लाउड और फिनटेक जैसे कई क्षेत्रों में तेजी से विस्तार कर रही है।
170 अरब डॉलर तक का मूल्यांकन

बैंकिंग सूत्रों के अनुसार, जियो प्लेटफॉर्म्स का संभावित मूल्यांकन करीब 170 अरब डॉलर तक रखा जा सकता है। अगर सरकार द्वारा हाल ही में किए गए नियमों के मुताबिक कंपनी केवल 2.5% हिस्सेदारी भी बाजार में बेचती है, तो इस आईपीओ के जरिए करीब 4.3 अरब डॉलर यानी लगभग 35 हजार करोड़ रुपये तक जुटाए जा सकते हैं। यही वजह है कि बाजार में इस इश्यू को लेकर काफी उत्सुकता देखी जा रही है।

बताया जा रहा है कि जैसे ही आईपीओ की शर्तें और संरचना तय हो जाएंगी, कंपनी भारतीय बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड के पास ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस दाखिल करेगी। हालांकि अभी टाइमलाइन और इश्यू के आकार में बदलाव की संभावना बनी हुई है, इसलिए अंतिम फैसला आने में थोड़ा समय लग सकता है।

इस बीच भारत के आईपीओ बाजार की बात करें तो साल 2026 की शुरुआत थोड़ी धीमी रही है। आंकड़ों के मुताबिक इस साल की पहली तिमाही में आईपीओ के जरिए करीब 1.7 अरब डॉलर ही जुटाए गए हैं, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा करीब 2.3 अरब डॉलर था। ऐसे में अगर जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ आता है, तो यह भारतीय शेयर बाजार में नई ऊर्जा और निवेशकों की दिलचस्पी दोनों को बढ़ा सकता है।

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