Orient Cables IPO: ओरिएंट केबल्स का आईपीओ खुलने वाला है। आईपीओ पर रिटेल निवेशक 25 सितंबर से दांव लगा पाएंगे। वहीं, निवेशकों को 29 सितंबर तक दांव लगाने का मौका मिलेगा। इस आईपीओ का साइज 552 करोड़ रुपये का है। कंपनी आईपीओ के जरिए 1.18 करोड़ फ्रेश शेयर जारी करेगी। वहीं, ऑफर फार सेल के जरिए कंपनी के मौजूदा निवेशक 232 करोड़ रुपये के शेयर बेचेंगे।
कितना है प्राइस बैंड?
ओरिएंट केबल्स आईपीओ का प्राइस बैंड 258 रुपये से 272 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है। कंपनी ने 55 शेयरों का एक लॉट बनाया है। जिसकी वजह से निवेशकों को कम से कम 14960 रुपये का दांव लगाना होगा। कंपनी की तरफ से शेयरों का अलॉटमेंट 30 सितंबर को प्रस्तावित है। वहीं, लिस्टिंग 5 अक्टूबर को बीएसई और एनएसई में प्रस्तावित है।
आईआईएफएल कैपिटल सर्विसेज लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर नियुक्त किया गया है। वहीं, केफिन टेक्नोलॉजी को रजिस्ट्रार नियुक्त किया गया है।
कितना जीएमपी?
ओरिएंट केबल्स आईपीओ का जीएमपी में इस समय जीरो रुपये पर है। ग्रे मार्केट में इस आईपीओ को लेकर कोई भी हलचल नहीं है।
किसके लिए कितना हिस्सा?
क्यूआईबी के लिए अधिकतम 50 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व रहेगा। वहीं, रिटेल निवेशकों के लिए कम से कम 35 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व रहेगा। वहीं, एनआईआई के लिए कम से कम 15 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व रहेगा।
आईपीओ के पैसों का क्या करेगी कंपनी
फ्रेश इश्यू से जुटाए पैसों का कंपनी 91.50 रुपये कैपिटल एक्सपेंडिचर के लिए प्रयोग करेगी। नई मशीनरी खरीदी जाएंगी। सिविल वर्क्स आदि में भी इस पैसे का उपयोग होगा। वहीं, 155.50 करोड़ रुपये से कंपनी मौजूदा कर्ज को पूरा या फिर आंशिक तौर पर चुकाने के लिए खर्च करेगी।
क्या करती है कंपनी
ओरिएंट केबल्स की स्थापना 2005 में हुई थी। कंपनी नेटवर्किंग केबल्स का उत्पादन करती है। कंपनी के पोर्टफोलियो में पावर केबल्स, ऑप्टिकल फाइबर केबल्स, कीस्टोन जैक्स, पावर स्ट्रिप और पॉवर कोर्ड्स, कंट्रोल केबल्स आदि शामिल है।
30 जून 2026 तक कंपनी की इंस्टॉल करने की क्षमता 895776 किलोमीटर की थी। कंपनी के पास 613 पर्मानेंट कर्मचारी हैं। वहीं, 1327 कर्मचारी कॉन्ट्रैक्ट पर हैं।
