VAHAN डेटा के बाद ओला इलेक्ट्रिक के शेयरों में भारी गिरावट, निवेशकों का जोश ठंडा पड़ गया

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ओला इलेक्ट्रिक के शेयरों में गुरुवार को 7% से अधिक की गिरावट देखने को मिली। पिछले दो दिन से ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के शेयरों में तूफानी तेजी थी, लेकिन VAHAN data ने आज इसका दम निकाल दिया। इन आंकड़ों से पता चला है कि अगस्त महीने में ओला इलेक्ट्रिक की बिक्री उसके प्रतिद्वंद्वी अथर एनर्जी से पीछे है। 20 अगस्त तक ओला के 9,522 वाहन रजिस्टर हुए, जबकि अथर के 10,248 वाहन पंजीकृत हुए। अगर यही रुझान रहा तो ओला की बाजार हिस्सेदारी अपने प्रतिद्वंद्वी से कम हो जाएगी।

बता दें पिछले दो दिनों में शेयरों में 29% की तेजी थी और यह लगभग तीन महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गए थे। आज की गिरावट का मुख्य कारण वाहन रजिस्ट्रेशन के ताजा आंकड़े (VAHAN data) हैं।

जीएसटी में बदलाव की अनिश्चितता

यह कमजोर प्रदर्शन उस समय सामने आया है जब जीएसटी नीति को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले हफ्ते कहा था कि सरकार दिवाली तक कई वस्तुओं और सेवाओं पर जीएसटी दरों को कम करने की योजना बना रही है।

इसमें छोटी कारों पर जीएसटी 28% से घटाकर 18% करने का प्रस्ताव भी शामिल है। विश्लेषकों का मानना है कि अगर पेट्रोल-डीजल वाहनों पर जीएसटी कम होती है, तो इससे इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) की बिक्री पर नकारात्मक असर पड़ सकता है क्योंकि दोनों के बीच की कीमत का अंतर बढ़ जाएगा।

कंपनी के वित्तीय नतीजे

ओला इलेक्ट्रिक के पहली तिमाही के नतीजे पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले कमजोर रहे, लेकिन पिछली तिमाही के मुकाबले उनमें सुधार देखा गया। कंपनी ने घाटा कम किया है और राजस्व में सुधार हुआ है। कंपनी का लक्ष्य है कि इस साल उसका ऑटो व्यवसाय दूसरी तिमाही में EBITDA के स्तर पर profitable हो जाए। हालांकि, जून तिमाही में कंपनी को 428 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था।

बाजार का नजरिया

कुछ विश्लेषकों का मानना है कि निवेशक कंपनी की छोटी अवधि की उठा-पटक पर ध्यान न देकर उसकी लंबी अवधि की संभावनाओं पर फोकस कर रहे हैं। उनका कहना है कि ओला की जेन-4 प्लेटफॉर्म (इलेक्ट्रिक कार, रिक्शा और हल्के कॉमर्शियल वाहन) कंपनी की लंबी अवधि की रणनीति को मजबूत करती है।

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