मुंबई हवाई अड्डे पर सिक्योरिटी चेकिंग के दौरान जब एक फेमस मॉडल का ट्रॉली बैग खोला गया, तो कस्टम विभाग के अधिकारियों के भी होश उड़ गए। मॉडलिंग की दुनिया से जुड़े चेहरों का इस तरह तस्करी के मामलों में सामने आना सिक्योरिटी एजेंसियों के लिए एक बड़ी चिंता की बात बनती जा रही है। मुंबई एयरपोर्ट पर एयर इंटेलिजेंस यूनिट ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए इस पूरी साजिश का पर्दाफाश किया है।
बता दें कि पकड़ी गई आरोपी की पहचान 28 साल की मॉडल हर्षा सनी के रूप में की गई है, जो साल 2025 में आयोजित हुई फेमस मिसेज केरल ब्यूटी प्रतियोगिता का हिस्सा रह चुकी हैं। हर्षा सनी एयर इंडिया की फ्लाइट संख्या TG-351 से बैंकॉक से मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरी थीं।
वहां तैनात अधिकारियों को उनके हाव-भाव और गतिविधियों पर कुछ संदेह हुआ। जिसके बाद कस्टम विभाग की टीम ने उन्हें रोककर पूछताछ शुरू की और पूछताछ के दौरान जब हर्षा के सामान की तलाशी ली गई, तो अधिकारियों को उनके ट्रॉली बैग के अंदर से लगभग 12 वैक्यूम-सील्ड पैकेट बरामद किए।
हर्षा सनी द्वारा प्राप्त इन सील बंद पैकेटों को जब सुरक्षा जांच टीम ने खोला, तो पैकेटों के अंदर हरे रंग का एक संदिग्ध सूखा पदार्थ दिखाई बरामद हुआ। वहीं मौके पर मौजूद अधिकारियों ने तुरंत ड्रग्स की पहचान करने वाली एनडीपीएस टेस्ट किट मंगवाई।
जब इस पदार्थ का रासायनिक परीक्षण किया गया, तो पुष्टि की गई कि यह साधारण गांजा नहीं, बल्कि बेहद हाई क्वालिटी का प्रीमियम हाइड्रोपोनिक वीड है। बता दें कि बरामद किए गए इस प्रतिबंधित नशीले पदार्थ का कुल वजन और बाजार में इसकी अंतरराष्ट्रीय कीमत करीब 11 करोड़ 82 लाख रुपये बताई गई है।
मॉडल हर्षा सनी से मुंबई एयरपोर्ट से इतनी बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ मिलने के बाद कस्टम विभाग ने फौरन सख्त कार्रवाई की। आरोपी मॉडल हर्षा सनी को मादक पदार्थ अधिनियम यानी एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार कर लिया गया है। गिरफ्तारी के बाद कस्टम विभाग ने हर्षा सनी को किला कोर्ट के सामने पेश किया।
जहां मामले की गंभीरता और सबूतों को देखते हुए कोर्ट ने आरोपी हर्षा सनी को सीधे न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश जारी कर दिया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इस अंतरराष्ट्रीय ड्रग रैकेट के तार और कहां-कहां जुड़े हो सकते है।
आजकल अंतरराष्ट्रीय बाजारों में नॉर्मल गांजे के मुकाबले हाइड्रोपोनिक गांजे की मांग ज्यादा बढ़ गई है। बतादें कि इसे किसी खेत या मिट्टी में नहीं, बल्कि बंद कमरों के भीतर पूरी तरह से नियंत्रित कृत्रिम वातावरण में साइंटिफिक टेक्निक से उगाया जाता है। साधारण गांजे में नशा पैदा करने वाला मुख्य तत्व टीएचसी केवल 3 से 4 प्रतिशत होता है, जबकि इस खास हाइड्रोपोनिक वीड में इसकी मात्रा 30 से 40 प्रतिशत तक पाई जाती है। नशीले पदार्थों की दुनिया में इसे गरीबों की कोकीन भी कहा जाता है, जिसका एक बड़ा केंद्र अब बैंकॉक बन चुका है।
