भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर काफी समय से चर्चा चल रही थी. अब इस पर एक अच्छी और राहत देने वाली खबर आई है. 500 फीसदी तक टैरिफ लगने की जो आशंका थी, उसके बीच सरकार ने साफ संकेत दिए हैं कि दोनों देशों के बीच व्यापार समझौता लगभग तय हो चुका है. वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल के मुताबिक, अब बस औपचारिक ऐलान होना बाकी है.
वाणिज्य सचिव ने बताया कि भारत और अमेरिका के बीच बातचीत कभी रुकी ही नहीं. यह बातचीत लगातार चलती रही है. हाल ही में वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और अमेरिका के ट्रेड प्रतिनिधि (USTR) ग्रीर के बीच ऑनलाइन बैठक भी हुई थी. इस बातचीत में माहौल काफी सकारात्मक रहा. सरकार का कहना है कि डील लगभग तैयार है, लेकिन अभी कोई तय तारीख नहीं बताई जाएगी. जब दोनों देश पूरी तरह सहमत होंगे, तभी इसका ऐलान किया जाएगा.
सरकार ने जो आंकड़े बताए हैं, वे भारतीय कारोबारियों के लिए अच्छी खबर हैं. वाणिज्य सचिव के मुताबिक, अमेरिका की तरफ से ऊंचे टैरिफ और दबाव के बावजूद भारत हर महीने करीब 7 बिलियन डॉलर का सामान अमेरिका भेज रहा है. इसका मतलब है कि अमेरिकी बाजार में भारतीय उत्पादों की मांग अभी भी बनी हुई है. इतना ही नहीं, चीन और यूएई जैसे देशों में भी भारत का निर्यात अच्छा चल रहा है.
रिपोर्ट के अनुसार, कपड़ा उद्योग, समुद्री उत्पाद और रत्न-आभूषण सेक्टर ने मुश्किल हालात में भी अच्छा प्रदर्शन किया है. टैक्स ज्यादा होने के बाद भी इन सेक्टर्स की ग्रोथ बनी हुई है.
वहीं दवा उद्योग ने तो नई रणनीति अपना ली है. सरकार का कहना है कि भारतीय फार्मा कंपनियां अब सिर्फ अमेरिका पर निर्भर नहीं हैं. अब ब्राजील और नाइजीरिया जैसे नए बाजारों में भी भारतीय दवाइयों की मांग बढ़ रही है. साफ है कि अगर एक बाजार में दिक्कत आती है, तो भारतीय कंपनियों ने दूसरे रास्ते भी तैयार कर लिए हैं.
