कोलेस्ट्रॉल मोम जैसा पदार्थ होता है जो खून में पाया जाता है। अगर खून में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा ज्यादा हो जाती है तो इससे दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ज्यादातर हाई कोलेस्ट्रॉल का संबंध वजन ज्यादा होने से लगाया जाता है। लेकिन जानना जरूरी है कि केवल ज्यादा वजन वाले ही नहीं बल्कि पतले और कम वजन वाले लोगों को भी हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या हो सकती है। लेकिन डाइट में इन फूड्स को खाने से भी हाई कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को कम किया जा सकता है।
क्या पतले लोगों को भी हो सकता है शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल की ज्यादा मात्रा
शरीर में बढ़ रहे बैड कोलेस्ट्रॉल का संबंध ज्यादातर लोग मोटापे और अनहेल्दी फूड्स से लगाते हैं। लेकिन पतले लोग जो अनहेल्दी फूड्स खाते हैं और फिजिकली एक्टिव नहीं रहते। उनके शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ सकती है। वहीं जिन लोगों की फैमिली हिस्ट्री में बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ने की बीमारी होती है, ऐसे में पतले लोगों को भी बैड कोलेस्ट्रॉल की समस्या हो सकती है।
इन फूड्स को खाने से कम होगा शरीर में जमा बैड कोलेस्ट्रॉल
ऑलिव ऑयल
अगर बॉडी में बैड कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ गई है तो कुकिंग के लिए वेजिटेबल ऑयल का घी की बजाय कुकिंग ऑयल का इस्तेमाल करना सही होगा। विटामिन ई और के साथ ही ढेर सारे एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर ऑलिव ऑयल शरीर में गुड कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को बरकरार रखने में मदद करते हैं। इसके साथ ही ऑलिव ऑयल ब्लड वेसल्स में हो रही सूजन को भी कम करने में मदद करता है।
नारियल का तेल
नारियल तेल में लगभग 90 प्रतिशत सैचुरेटेड फैट होता है। जो कि हार्ट के लिए हेल्दी माना जाता है। वहीं कोकोनट ऑयल भूख को कंट्रोल करता है जिससे आप कम कैलोरी खाएंगे। नारियल का तेल शरीर में मेटाबॉलिज्म को भी बढ़ाता है।
डार्क चॉकलेट
डार्क चॉकलेट ऐसा फूड है जिसे शरीर में कोलेस्ट्रॉल की बढ़ी मात्रा में भी आसानी से खाया जा सकता है। इसमे काफी ज्यादा मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं। साथ ही आयरन, कॉपर, मैग्नीशियम और मैंगनीज भी होते है। डार्क चॉकलेट में हेल्दी फैट होता है। अगर आप डार्क चॉकलेट को डाइट में लेते हैं तो ये बैड कोलेस्ट्रॉल को नहीं बढ़ने देता है। ॉ
नट्स
बादाम, पिस्ता, मूंगफली जैसे नट्स हार्ट हेल्थ ही नहीं बल्कि ओवरऑल हेल्थ के लिए भी फायदेमंद होते हैं। फाइबर से भरपूर होने के साथ ही इसमे स्टेरॉल नाम का पदार्थ होता है। जो कोलेस्ट्रॉल के अब्जॉर्ब्शन को रोकता है।
फैटी फिश
साल्मन फिश में ओमेगा 3 फैटी एसिड होता है। जो गुड कोलेस्ट्रॉल को शरीर में बढ़ाता है और बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करता है। इसके अलावा सार्डिंस, टुना और मकरैल जैसी फिश भी फैटी फिश की कैटेगरी में आती हैं। जिन्हें खाने से ब्लड में गुड कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है।
एग
अंडे का पीला भाग फैट और कोलेस्ट्रॉल से भरा होता है। लेकिन अंडे में पाया जाने वाला कोलेस्ट्रॉल ब्लड में बैड कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को नहीं बढ़ाता। मध्यम आकार के अंडे में कोलेस्ट्रॉल की रोजाना मात्रा की पूर्ति हो जाती है।
दही
फुल फैट दही में सारे जरूरी न्यूट्रिशन होते हैं जो किसी भी फुल फैट डेयरी प्रोडक्ट में रहते हैं। साथ ही प्रोबायोटिक बैक्टीरिया की वजह से दही पेट के लिए भी अच्छी होती है। इससे आंतों में गुड बैक्टीरिया बढ़ते हैं। दही हार्ट से जुड़ी बीमारियों को भी दूर करती है।
