नई दिल्ली, पश्चिम बंगाल में दो चरणों में विधानसभा चुनाव होने हैं। 23 अप्रैल को पहले राउंड का मतदान है और फिर 29 अप्रैल को वोटिंग होगी। 4 मई को नतीजे आएंगे। इस बीच भाजपा और उसकी लीडरशिप वाली केंद्र सरकार महिलाओं के मुद्दे पर फोकस कर रहे हैं। माना जा रहा है कि बंगाल चुनाव को देखते हुए यह तेजी है। बुधवार को ही पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट ने महिला आरक्षण ऐक्ट में संशोधन को मंजूरी दी है। अब 16 अप्रैल से तीन दिनों का संसद के स्पेशल सेशन बुलाया जाएगा। इस दौरान इस विधेयक को मंजूरी के लिए पेश किया जाएगा। इस बीच भाजपा ने भी बड़ी तैयारी कर ली है और महिलाओं के बीच बड़े पैमाने पर संपर्क साधा जाएगा।
बिल पारित करने के लिए तीन दिन के सेशन से पहले भाजपा महिलाओं के बीच पहुंच बढ़ाने के लिए अभियान छेड़ने वाली है। भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन ने पार्टी शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ वर्चुअल मीटिंग की है। इसके अलावा अन्य राज्यों के नेताओं से भी बात की है। इसमें यह चर्चा की गई है कि महिला आरक्षण विधेयक को लेकर सरकार कैसे महिलाओं के बीच जाएगी। उन्हें यह जानकारी देगी कि महिला आरक्षण के लिए सरकार किस तरह प्रयास कर रही है और इसे 2029 के आम चुनाव से ही लागू करने की तैयारी है।
नितिन नबीन कर रहे प्लानिंग, अब तक कई मीटिंग
इससे पहले नितिन नबीन ने महिला नेताओं, केंद्रीय मंत्रियों से भी बात की थी। इसमें चर्चा की थी कि कैसे इस अभियान को बढ़ाया जा सकता है। इस मीटिंग में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी मौजूद थीं। महिला आयोग की राष्ट्रीय अध्यक्ष विजया राहतकर, सांसद कमलजीत सहरावत, भाजपा दिल्ली के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा और संगठन महामंत्री बीएल संतोष समेत कई नेता मौजूद थे। खबर है कि 13 अप्रैल को पीएम नरेंद्र मोदी महिला कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे। इस दौरान वह महिला आरक्षण के लिए भाजपा के प्रयासों के बारे में जानकारी दे सकते हैं।
पीएम मोदी करेंगे बात, महिलाओं को संसद में भी न्योता
पीएम नरेंद्र मोदी इस दौरान महिला उद्यमियों से भी बात करेंगे। यही नहीं भाजपा की कोशिश है कि ऐसी महिला इन्फ्लुएंसर्स को भी साथ जोड़ा जाए, जो सोशल मीडिया पर मजबूत पकड़ रखती हैं। यही नहीं तीन दिन के स्पेशल सेशन के दौरान कई महिला हस्तियों को विजिटर गैलरी में जगह दी जाएगी। इस दौरान वे देखेंगी कि कैसे महिलाओं के हित में देश की सबसे बड़ी पंचायत में फैसला होने वाला है। इस बीच भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों से कहा गया है कि इससे जुड़ आयोजन करें ताकि महिलाओं के बीच संदेश पहुंचे। स्थानीय निकायों की महिला प्रतिनिधियों को भी साथ जोड़ने की तैयारी है। इस तरह बंगाल चुनाव से ठीक पहले महिलाओं के मुद्दे पर भाजपा माहौल बनाना चाहती है।
