नई दिल्ली: GST लागू हुए 8 साल हो गए हैं, लेकिन टैक्स स्लैब और नियमों की जटिलताएं आम लोगों और व्यापारियों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई हैं। 15 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से GST में बड़े बदलाव का ऐलान किया। सरकार का लक्ष्य है चार टैक्स स्लैब को घटाकर सिर्फ दो स्लैब – 5% और 18% में बदलना। इस बदलाव से रोजमर्रा की चीजें सस्ती होंगी और व्यापार के लिए टैक्स सिस्टम आसान बनेगा।
जीएसटी काउंसिल की बैठक: 3-4 सितंबर
GST काउंसिल 3 और 4 सितंबर को बैठक कर रही है। इस बार खाद्य पदार्थ और कपड़े पर टैक्स को एकसमान 5% करने पर चर्चा होगी।
- यह फैसला होने पर टैक्स स्लैब को लेकर उलझन खत्म होगी।
- आम आदमी सीधे फायदा उठाएगा और व्यापारियों के लिए सिस्टम सरल होगा।
जरूरी सामान पर एक जैसा टैक्स
रोजमर्रा की जरूरतों जैसे खाद्य सामग्री और कपड़े पर अलग-अलग स्लैब लागू हैं।
द इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, काउंसिल इन्हें 5% टैक्स स्लैब में लाने पर विचार कर रही है।
फायदे:
- उपभोक्ताओं को सामान सस्ता मिलेगा।
- व्यापारियों के लिए टैक्स नियम आसान होंगे।
सीमेंट पर 18% टैक्स का प्रस्ताव
निर्माण सामग्री जैसे सीमेंट पर अभी 28% टैक्स लगता है। काउंसिल इसे घटाकर 18% करने का प्रस्ताव ला रही है।
इससे होगा:
- घर, सड़क और अन्य निर्माण काम सस्ते होंगे।
- आम लोगों की जेब पर असर पड़ेगा।
- टैक्स कटौती सीधे कंज्यूमर तक पहुंचेगी।
सेवाओं पर टैक्स में राहत
कुछ सेवाओं पर भी टैक्स घटाने की तैयारी है:
- सैलून और ब्यूटी पार्लर: 18% से घटाकर 5%
- व्यक्तिगत जीवन बीमा और स्वास्थ्य बीमा: GST खत्म
उद्देश्य:
- आम लोगों के लिए सेवाएं सस्ती हों।
- अधिक लोग बीमा ले सकें और उनकी आर्थिक सुरक्षा बढ़े।
टैक्स स्लैब को सरल बनाने का प्लान
अभी GST में 4 स्लैब हैं (5%, 12%, 18%, 28%), जो अक्सर कन्फ्यूजन पैदा करते हैं।
सरकार इसे सिर्फ दो स्लैब – 5% और 18% में बदलने का विचार कर रही है।
- 5% स्लैब: रोजमर्रा का सामान और सेवाएं
- 18% स्लैब: थोड़ी महंगी वस्तुएं और सेवाएं
- विलासिता वाली चीजें और सिगरेट, शराब जैसी वस्तुएं: 40% टैक्स
आम आदमी को मिलने वाली राहत
सरकार 22 सितंबर से नया GST स्लैब लागू करने की तैयारी कर रही है। यह नवरात्रि (22 सितंबर – 2 अक्टूबर) के समय से मेल खाता है।
कितना फायदा होगा:
- खाने-पीने की चीजें और कपड़े सस्ते होंगे
- घर बनाने का सामान और निर्माण सामग्री पर टैक्स घटेगा
- सैलून और ब्यूटी पार्लर की सेवाएं सस्ती होंगी
- स्वास्थ्य और जीवन बीमा पर टैक्स हटने से लोग बीमा लेना पसंद करेंगे
बहरहाल यह बदलाव आम आदमी के लिए सीधे लाभकारी होगा, साथ ही व्यापारियों और छोटे कारोबारियों के लिए टैक्स सिस्टम आसान और पारदर्शी बनाएगा।
