देश की सबसे बड़ी माइनिंग कंपनी का 1,071 करोड़ रुपये का आईपीओ: निवेश से पहले जानिए पूरी डिटेल्स

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2026 के पहले मेनबोर्ड IPO का इंतजार आखिरकार खत्म होने वाला है. देश की सबसे बड़ी माइनिंग कंपनी कोल इंडिया की सब्सिडियरी भारत कोकिंग कोल 9 जनवरी को अपना 1,071 करोड़ रुपये का IPO लॉन्च करने जा रही है. इसके लिए प्राइस बैंड भी तय कर दिया गया है.

इस इश्यू में शेयर सिर्फ ऑफर फॉर सेल के जरिए बेचे जाएंगे. यानी कंपनी कोई नए शेयर जारी नहीं करेगी. निवेश से पहले इस IPO से जुड़ी 10 जरूरी बातें जान लेना जरूरी है.

1. प्राइस बैंड और लॉट साइज: निवेशक भारत कोकिंग कोल के 1,071 करोड़ रुपये के IPO में 21 से 23 रुपये प्रति शेयर के प्राइस बैंड पर निवेश कर सकते हैं. एक लॉट में 600 शेयर होंगे. कर्मचारियों को प्रति शेयर 2 रुपये की छूट मिलेगी.

2. जरूरी तारीखें: भारत कोकिंग कोल IPO 9 जनवरी को खुलेगा और 13 जनवरी को बंद होगा. शेयरों का अलॉटमेंट 14 जनवरी को फाइनल होगा. BSE और NSE पर लिस्टिंग 16 जनवरी को होने की संभावना है.

3. शेयरों का रिजर्वेशन: IPO का 50 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए, 35 प्रतिशत नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स के लिए और 15 प्रतिशत रिटेल निवेशकों के लिए रिजर्व है. इसके अलावा 107 करोड़ रुपये के शेयर कोल इंडिया के शेयरधारकों के लिए आरक्षित किए गए हैं, जिनके पास 1 जनवरी 2026 या उससे पहले कोल इंडिया के शेयर थे.

4. ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP): भारत कोकिंग कोल के शेयर ग्रे मार्केट में करीब 16.25 रुपये के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहे हैं, जो अपर प्राइस बैंड से करीब 70.65 प्रतिशत ज्यादा है. हालांकि एक्सपर्ट्स का कहना है कि निवेश का फैसला कंपनी के फंडामेंटल्स और फाइनेंशियल्स देखकर ही करना चाहिए, न कि सिर्फ GMP के आधार पर.

5. कितने शेयर ऑफर होंगे? IPO के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले करीब 465.7 मिलियन शेयर ऑफर किए जाएंगे. ये सभी शेयर ऑफर फॉर सेल के तहत होंगे. प्रमोटर कोल इंडिया अपनी करीब 10 प्रतिशत हिस्सेदारी बेच रही है.

6. रजिस्ट्रार कौन है? भारत कोकिंग कोल IPO के लिए रजिस्ट्रार KFin Technologies है. अलॉटमेंट के बाद निवेशक KFin Tech या BSE की वेबसाइट पर अपना स्टेटस चेक कर सकते हैं.

7. IPO से मिलने वाले पैसे का इस्तेमाल: यह पूरा इश्यू ऑफर फॉर सेल है, इसलिए कंपनी को IPO से कोई पैसा नहीं मिलेगा. इससे मिलने वाली रकम कोल इंडिया के पास जाएगी.

8. कंपनी का प्रोफाइल: 1972 में स्थापित भारत कोकिंग कोल, कोल इंडिया की पूरी तरह से स्वामित्व वाली सब्सिडियरी है. कंपनी कोकिंग कोल, नॉन-कोकिंग कोल और वॉश्ड कोल का उत्पादन करती है. सितंबर 2025 तक कंपनी के पास 34 ऑपरेशनल खदानें हैं, जिनमें 4 अंडरग्राउंड, 26 ओपन कास्ट और 4 मिक्स्ड माइंस शामिल हैं. कंपनी झरिया (झारखंड) और रानीगंज (पश्चिम बंगाल) में काम करती है. FY 2025 में देश के कुल कोकिंग कोल उत्पादन में इसका हिस्सा 58.50 प्रतिशत रहा.

9. कंपनी की वित्तीय स्थिति: भारत कोकिंग कोल ने FY 2023 में 664.78 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया था. FY 2024 में यह बढ़कर 1,564.46 करोड़ रुपये हो गया, जबकि FY 2025 में घटकर 1,240.19 करोड़ रुपये रह गया.
कंपनी की कुल आय FY 2023 में 13,018.57 करोड़ रुपये, FY 2024 में 14,652.53 करोड़ रुपये और FY 2025 में 14,401.63 करोड़ रुपये रही. वित्त वर्ष 2026 की पहली छमाही (अप्रैल से सितंबर 2025) में कंपनी ने 123.88 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट और 6,311.51 करोड़ रुपये की कुल आय दर्ज की है. सितंबर 2025 के अंत तक कंपनी पर 1,559.13 करोड़ रुपये का कर्ज था, जबकि रिजर्व और सरप्लस 1,006.52 करोड़ रुपये थे.

10. IPO लाने की वजह: कोल इंडिया ने FY 2030 तक अपनी सभी सब्सिडियरी कंपनियों को लिस्ट करने की योजना बनाई है. भारत कोकिंग कोल का IPO इसी रणनीति का हिस्सा है.

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