दिवालिया प्रक्रिया से गुजर रही फ्यूचर समूह की कंपनी फ्यूचर एंटरप्राइजेज को लेकर एक नई खबर आई है। फ्यूचर एंटरप्राइजेज के कारोबार को खरीदने में दिलचस्पी दिखाने वाली कंपनियां- रिलायंस रिटेल और बीसी जिंदल समूह ने बोली लगाने के लिए कुछ और समय की मांग की है। इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि बोली की समय सीमा अब 25 सितंबर तक बढ़ा दी गई है।
बता दें कि फ्यूचर एंटरप्राइजेज ने 11 जुलाई को स्टॉक एक्सचेंज को दी जानकारी में बताया कि तीन कंपनियों ने रुचि पत्र जमा किए थे। इन कंपनियों में रिलायंस रिटेल वेंचर्स, जिंदल (इंडिया) लिमिटेड और जीबीटीएल लिमिटेड शामिल हैं। जिंदल (इंडिया) लिमिटेड, बीसी जिंदल ग्रुप का हिस्सा है।
बीमा कारोबार पर है फोकस: फ्यूचर एंटरप्राइजेज अपने बीमा कारोबार को बेचने पर फोकस कर रही है। इसकी लाइफ इंश्योरेंस ज्वाइंट वेंचर में 8.8% हिस्सेदारी है। वहीं, जनरल इंश्योरेंस में 25.5% हिस्सेदारी है। यह ज्वाइंट वेंचर इटली की कंपनी Generali के साथ है। इस जनरल इंश्योरेंस कंपनी की वैल्यू लगभग ₹5,000 करोड़ थी जब Generali ने पिछले साल मई में अपनी हिस्सेदारी लगभग 49% से बढ़ाकर लगभग 74% कर दी थी। Generali ने उस समय जनरल इंश्योरेंस में खरीदी गई अतिरिक्त 25% हिस्सेदारी के लिए लगभग ₹1,267 करोड़ का भुगतान किया। हालांकि, लाइफ इंश्योरेंस कारोबार के ज्वाइंट वेंचर की डील की डिटेल नहीं है। बता दें कि फ्यूचर समूह के प्रमोटर किशोर बियानी ने साल 2006 में इतालवी फाइनेंशियल सर्विसेज कंपनी के साथ ज्वाइंट वेंचर में प्रवेश किया था।
भारी-भरकम है कर्ज: फ्यूचर एंटरप्राइजेज के दिवालिया प्रक्रिया की बात करें तो 27 फरवरी को कार्यवाही के लिए स्वीकार किया गया था। इसके लेंडर्स ने कंपनी के खिलाफ 11,000 करोड़ रुपये के दावे दायर किए हैं, जिनका भुगतान नहीं किया गया है। जानकारी के मुताबिक 22 बैंकों और वित्तीय संस्थानों ने कंपनी के खिलाफ दावे किए हैं। इनमें से प्रमुख लेंडर एक्सिस बैंक, केनरा बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया और आईडीबीआई बैंक शामिल हैं।
फ्यूचर एंटरप्राइजेज के शेयर का हाल: बता दें कि लंबे समय से कंपनी के शेयरों की ट्रेडिंग बंद है। किसी जमाने में 60 रुपये से ज्यादा का यह शेयर अब 90 पैसे का रह गया है। इस तरह, अब तक शेयर 99 प्रतिशत या उससे अधिक टूट चुका है।
