. कच्चे तेल में तेजी से सोने-चांदी को झटका, कीमतों में आई बड़ी गिरावट

राष्ट्रीय व्यापार जगत
नई दिल्ली: कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण महंगाई की चिंताएं बढ़ गईं, जिससे इस हफ्ते सोने की कीमतों में 3.28 प्रतिशत और चांदी की कीमतों में 7.83 प्रतिशत की गिरावट आई। महंगाई को लेकर बढ़ती चिंताओं ने इस उम्मीद को और मजबूत कर दिया है कि वैश्विक स्तर पर ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची बनी रहेंगी। इसके चलते कीमती धातुओं के बाजार में बिकवाली का दौर देखने को मिला। शुक्रवार को, दिसंबर में एक्सपायर होने वाले MCX गोल्ड फ्यूचर्स में 0.81 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि दिसंबर के लिए MCX सिल्वर फ्यूचर्स 1.75 प्रतिशत गिर गए। गोल्ड फ्यूचर्स 1,42,150 रुपये पर और सिल्वर फ्यूचर्स 1,96,100 रुपये प्रति किलोग्राम पर रहे।

विश्लेषकों के अनुसार, जून के बाद से सोने में यह सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट है। साथ ही, यह मध्य जुलाई के बाद पहली बार 4,000 डॉलर प्रति औंस के मनोवैज्ञानिक रूप से महत्वपूर्ण स्तर से नीचे आ गया है। अमेरिकी टेक्नोलॉजी शेयरों, खासकर AI से जुड़ी कंपनियों में कमजोरी के कारण चांदी में बिकवाली और तेज हो गई। इससे ‘मार्जिन कॉल’ की स्थिति बनी और निवेशकों को अपनी कीमती धातुओं की होल्डिंग बेचने के लिए मजबूर होना पड़ा।

इस बीच, सऊदी अरब के ऊर्जा बुनियादी ढांचे और शिपिंग मार्गों पर नए हमलों के कारण कच्चे तेल की कीमतें कई महीनों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गईं। वहीं, तेल की बढ़ती कीमतों और डॉलर की नई मांग के चलते भारतीय रुपया अपनी शुरुआती बढ़त गंवा बैठा। हालांकि, कीमतों में कमी आने से भारत में दशहरा त्योहार के दौरान सोने की फिजिकल खरीदारी को बढ़ावा मिला, जिससे मांग को कुछ सहारा मिला। वहीं, चीन में आभूषणों की मांग सुस्त बनी रही।

बाजार के जानकारों का अनुमान है कि अगर ऊर्जा की ऊंची कीमतें महंगाई की चिंताओं को और बढ़ाती हैं और सख्त मौद्रिक नीति की उम्मीदें बनी रहती हैं, तो कीमती धातुओं पर दबाव बना रह सकता है। हालांकि, उनका यह भी मानना ​​है कि हालिया गिरावट के बाद, फिजिकल मांग और बॉन्ड यील्ड में नरमी आने से कीमतों को कुछ सपोर्ट मिल सकता है। बाजार को काफी हद तक उम्मीद है कि US फेड 27-28 अक्टूबर की नीतिगत बैठक में ब्याज दरों को जस का तस रखेगा। लेकिन दिसंबर में एक और बार ब्याज दरें बढ़ने की संभावना काफी अधिक है; ट्रेडर्स इसे लेकर लगभग 78 प्रतिशत की संभावना मानकर चल रहे हैं।

निवेशक अगले हफ्ते आने वाली US ‘पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर’ (PCE) रिपोर्ट का भी इंतजार कर रहे हैं, जिससे महंगाई और भविष्य में ब्याज दरों को लेकर लिए जाने वाले फैसलों के बारे में और स्पष्टता मिल सकेगी। विश्लेषकों के अनुसार, कॉमेक्स गोल्ड (Comex Gold) के लिए तत्काल रेजिस्टेंस $4,070–$4,100 के दायरे में है, जबकि सपोर्ट $3,970–$4,000 के दायरे में है। उन्होंने आगे बताया कि MCX गोल्ड के लिए तत्काल रेजिस्टेंस 1,43,000–1,43,700 रुपये के दायरे में है, जबकि सपोर्ट 1,40,000–1,41,000 रुपये के दायरे में है।

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