दुर्ग। हेमचंद विश्वविद्यालय दुर्ग में कुलसचिव का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। पूर्व में कुलसचिव रहे डॉ. भूपेंद्र कुलदीप को हाईकोर्ट से राहत मिलने के बाद वे शुक्रवार को विश्वविद्यालय में अपनी ज्वाइनिंग देने पहुंच गए, लेकिन शासन स्तर पर कोई आदेश नहीं होने का हवाला हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने ज्वाइनिंग नहीं दी। तमाम गतिरोधों के बावजूद वे विश्वविद्यालय में ही घंटों रहे।
डॉ. भूपेंद्र कुलदीप के ज्वाइनिंग को लेकर विश्वविद्यालय में सरगर्मी बनी रही। स्टॉफ हर एक सदस्य इस मामले पर पैनी नजर बनाए हुए थे। दिलचस्प पहलू ये रहा कि कुलसचिव को आबंटित कक्ष में ताला लगा दिया गया था। हो सकता है विश्वविद्यालय प्रबंधन किसी तरह की अप्रिय स्थिति को भांपते हुए एहतियाती कदम उठाया था, ताकि किसी प्रकार की विवाद की स्थिति निर्मित न हो।
हेमचंद विश्वविद्यालय दुर्ग में हाल ही में नए कुलसचिव की पदस्थापना की गई है। शासकीय विश्वनाथ यादव तामस्कर स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय, दुर्ग के इतिहास विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अनिल कुमार, पाण्डेय ने बीते दिनों हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग के कुलसचिव के रूप में कार्यभार ग्रहण किया है। वर्तमान में वे दो दिनों के अवकाश पर हैं। उनके स्थान पर प्रभारी कुलपति के रूप में डॉ. नीलू श्रीवास्तव अधिष्ठाता छात्र कल्याण को जिम्मेदारी दी गई है।
इस आदेश के साथ ही डॉ. भूपेंद्र कुलदीप की नवीन पदस्थापना उच्च शिक्षा संचालनालय इन्द्रावती भवन नवा रायपुर किया गया। उसके बाद डॉ. भूपेंद्र कुलदीप ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट की आदेश के साथ ही भूपेंद्र कुलदीप एक बार हेमचंद विश्वविद्यालय में ज्वाइनिंग देने पहुंचे हुए थे। ज्वाइनिंग को लेकर डॉ. भूपेंद्र कुलदीप से संपर्क किया गया तो उन्होंने अपने वकील से बात करने कहा।
शासन के आदेश का पालन करेंगे- कुलपति
कुलपति हेमचंद विश्वविद्यालय दुर्ग के कुलपति डॉ. संजय तिवारी ने कहा कि वर्तमान में शासन स्तर पर कोई निर्णय नहीं हुआ है। मामले में शासन के निर्देश का पालन करेंगे। उन्होंने कहा कि यह मामला शासन तथा याचिकाकर्ता के बीच का है।
