Adani Stock: 30% तक उछलेगा अडानी का यह शेयर, 10 कंपनियों के विलय को मिली हरी झंडी

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Adani Power share price: गौतम अडानी समूह की कंपनी अडानी पावर के शेयर शुक्रवार को डिमांड में रहे। सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शेयर की कीमत में 2 पर्सेंट का उछाल आया और यह 203.50 रुपये तक जा पहुंचा। शेयर की यह तेजी आगे भी देखने को मिल सकती है। ये हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि ब्रोकरेज फर्म PL Capital ने शेयर के लिए अभी की कीमत से 30% ज्यादा का टारगेट प्राइस दिया है। आइए डिटेल में जान लेते हैं।

क्या है टारगेट प्राइस?

ब्रोकरेज फर्म PL Capital ने अडानी पावर के शेयर पर “खरीदने” की सलाह के साथ कवरेज शुरू किया है और इसका टारगेट प्राइस ₹259 तय किया है। इसका मतलब है कि 24 सितंबर को BSE पर ₹199.60 की क्लोजिंग कीमत से इसमें लगभग 30% की बढ़त की संभावना है। PL Capital ने कहा, “हम Adani Power का वैल्यूएशन सितंबर 2028E एबिटा के 18 गुना पर कर रहे हैं, जिससे ₹259 का टारगेट प्राइस मिलता है। यह 12.5% ​​डिस्काउंट रेट पर FY32E एबिटा के लगभग 10.5 गुना के बराबर है। इस प्रीमियम वैल्यूएशन का आधार मजबूत कमाई में बढ़ोतरी, बेहतर कैपिटल एफिशिएंसी और घटता कर्ज है।” ब्रोकरेज का मानना ​​है कि हाल ही में साइन किए गए PPA (पावर परचेज एग्रीमेंट) से ज्यादा कैपेसिटी चार्ज मिलेंगे। ब्रोकरेज ने कहा कि अडानी पावर भारत की दूसरी सबसे बड़ी थर्मल पावर प्रोड्यूसर है। अभी भारत की कोयले से चलने वाली इंस्टॉल्ड कैपेसिटी में इसकी हिस्सेदारी लगभग 7% है। ब्रोकरेज फर्म का अनुमान है कि FY26–29E के दौरान एबिटा CAGR 21% रहेगा। इसकी वजह FY27E, FY28E और FY29E में क्रमशः 1.3GW, 1.6GW और 4.0GW की अनुमानित क्षमता वृद्धि है।

अडानी पावर के शेयर का परफॉर्मेंस

अडानी पावर के शेयर में पिछले छह महीनों के दौरान 30% से ज्यादा की बढ़त दर्ज की गई। इसमें साल-दर-साल (YTD) 35% से अधिक और पिछले छह महीनों में 30% से ज्यादा बढ़ोतरी हुई है। वहीं दूसरी ओर, इक्विटी बेंचमार्क सेंसेक्स में साल-दर-साल 13% से अधिक और पिछले छह महीनों में 2% की गिरावट आई है। यह शेयर 23 जनवरी को 52 हफ्ते के निचले स्तर ₹128.35 पर आ गया था। हालांकि, चार महीने बाद 29 मई को यह उछलकर 52 हफ्ते के उच्चतम स्तर ₹254.15 पर पहुंच गया।

सब्सिडियरी कंपनियों के मर्जर को मंजूरी

इस बीच, 10 पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी कंपनियों को अडानी पावर में मिलाने की प्रस्तावित योजना को नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) से जरूरी मंजूरी मिल गई। यह मंजूरी NCLT की मुंबई बेंच से मिली है। इसने 24 सितंबर 2026 के एक आदेश के जरिए विदर्भ इंडस्ट्रीज पावर लिमिटेड (VIPL) के अडानी पावर में विलय को मंजूरी दी। इस मंजूरी के साथ ही प्रस्तावित विलय के लिए ट्रिब्यूनल की प्रक्रिया पूरी हो गई है। इससे पहले NCLT की अहमदाबाद बेंच ने 4 अगस्त 2026 के अपने आदेश के जरिए बाकी नौ सब्सिडियरी कंपनियों के विलय को मंजूरी दी थी।

अहमदाबाद बेंच द्वारा मंजूर की गई नौ कंपनियां-अडानी पावर दहेज लिमिटेड, कच्छ पावर जनरेशन लिमिटेड, रिसर्जेंट फ्यूल मैनेजमेंट लिमिटेड, महान फ्यूल मैनेजमेंट लिमिटेड, ओडिशा थर्मल एनर्जी लिमिटेड, कोरबा पावर लिमिटेड, अनूपपुर थर्मल एनर्जी (MP) प्राइवेट लिमिटेड, मिर्जापुर थर्मल एनर्जी (UP) प्राइवेट लिमिटेड और एम्बरिजा इंफ्रा पार्क लिमिटेड हैं।

अडानी पावर ने बताया कि यह योजना मूल रूप से पहली नौ सब्सिडियरी कंपनियों के लिए NCLT की अहमदाबाद बेंच के सामने दायर की गई थी जबकि VIPL के लिए मुंबई बेंच से संपर्क किया गया था। कंपनी ने बताया कि इस योजना के लिए तय तारीख 1 अप्रैल 2025 है। हालांकि, विलय तभी प्रभावी होगा जब मंजूर की गई योजना के तहत बताए गए सभी कदम पूरे हो जाएंगे।

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