इंदौर। शहर के सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क को शनिवार को बड़ी सौगात मिली। इंदौर मेट्रो की सेवा का विस्तार SC-3 से मालवीय नगर स्क्वायर तक कर दिया गया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव और केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल ने शनिवार शाम करीब चार बजे विजय नगर स्थित ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित समारोह में मेट्रो की विस्तारित सेवा का औपचारिक उद्घाटन किया। करीब 2850 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाले इस प्रोजेक्ट से शहर में तेज, सुविधाजनक और पर्यावरण के अनुकूल सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
मेट्रो सेवा के इस विस्तार के साथ इंदौर के शहरी परिवहन नेटवर्क में एक और महत्वपूर्ण हिस्सा जुड़ गया है। गांधी नगर-मालवीय नगर स्क्वायर कॉरिडोर के विस्तारित हिस्से पर आम यात्रियों के लिए नियमित मेट्रो सेवा रविवार 6 सितंबर से शुरू होगी। इसके बाद यात्री इस नए हिस्से पर मेट्रो से सफर कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री ने किया उद्घाटन
विजय नगर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने मेट्रो के विस्तारित हिस्से का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मेट्रो परियोजना और शहर में विकसित किए जा रहे आधुनिक परिवहन ढांचे की जानकारी भी साझा की गई।
मेट्रो का विस्तार ऐसे समय किया गया है जब इंदौर में आबादी और वाहनों की संख्या बढ़ने के साथ सार्वजनिक परिवहन की जरूरत भी तेजी से बढ़ रही है। मेट्रो नेटवर्क को शहर के महत्वपूर्ण क्षेत्रों तक पहुंचाने से लोगों को निजी वाहनों पर निर्भरता कम करने का एक अतिरिक्त विकल्प मिल सकता है।
6 सितंबर से यात्रियों के लिए खुलेगा नया हिस्सा
उद्घाटन के बाद अब सबसे महत्वपूर्ण बदलाव रविवार से दिखाई देगा। गांधी नगर से मालवीय नगर स्क्वायर तक विस्तारित कॉरिडोर पर नियमित यात्री सेवाएं शुरू होने के साथ रोजाना यात्रा करने वाले लोग इसका इस्तेमाल कर सकेंगे।
नए हिस्से के जुड़ने से मेट्रो की पहुंच शहर के अधिक क्षेत्रों तक होगी। इससे खासकर उन यात्रियों को सुविधा मिलने की उम्मीद है, जिन्हें अपने काम, कारोबार, शिक्षा या अन्य जरूरतों के लिए नियमित रूप से शहर के विभिन्न हिस्सों के बीच आवागमन करना पड़ता है।
मेट्रो को सड़क आधारित यातायात के विकल्प के रूप में भी देखा जा रहा है। नियमित सेवा के विस्तार के बाद यात्रियों की संख्या और उनके यात्रा पैटर्न के आधार पर इसका वास्तविक प्रभाव सामने आएगा।
2850 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत
इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब ₹2850 करोड़ बताई गई है। इतनी बड़ी राशि से विकसित किए जा रहे मेट्रो नेटवर्क का उद्देश्य शहर को दीर्घकालीन सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था उपलब्ध कराना है।
मेट्रो परियोजनाओं में ट्रैक, स्टेशन, बिजली आपूर्ति, सिग्नलिंग, सुरक्षा व्यवस्था और यात्रियों के लिए विभिन्न सुविधाओं का व्यापक ढांचा तैयार किया जाता है। शहर में मेट्रो का चरणबद्ध विस्तार होने से भविष्य में अधिक क्षेत्रों को इस नेटवर्क से जोड़ने की संभावनाएं भी बढ़ती हैं।
ट्रैफिक दबाव कम होने की उम्मीद
इंदौर जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहर में यातायात दबाव बड़ी चुनौती है। निजी कारों और दोपहिया वाहनों की बढ़ती संख्या के कारण प्रमुख सड़कों और व्यावसायिक क्षेत्रों में व्यस्त समय के दौरान ट्रैफिक बढ़ जाता है।
ऐसे में मेट्रो जैसी उच्च क्षमता वाली सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था सड़क पर वाहनों की संख्या कम करने में मदद कर सकती है। हालांकि इसका प्रभाव इस बात पर निर्भर करेगा कि रोजाना कितने लोग निजी वाहनों की जगह मेट्रो का इस्तेमाल करते हैं और शहर के अन्य सार्वजनिक परिवहन साधनों के साथ इसका कितना बेहतर तालमेल स्थापित किया जाता है।
मालवीय नगर और विजय नगर जैसे क्षेत्र शहर की व्यावसायिक गतिविधियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माने जाते हैं। इन इलाकों तक मेट्रो सेवा पहुंचने से कार्यालय जाने वाले कर्मचारियों और अन्य यात्रियों को फायदा मिलने की उम्मीद है।
पर्यावरण के अनुकूल परिवहन पर जोर
मेट्रो के विस्तार का एक प्रमुख उद्देश्य पर्यावरण के अनुकूल सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देना भी है। सड़क पर बड़ी संख्या में निजी वाहनों की जगह यदि यात्री सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करते हैं तो ईंधन की खपत और वाहनों से होने वाले उत्सर्जन को कम करने में मदद मिल सकती है।
शहरों में बढ़ते प्रदूषण और ट्रैफिक जाम की चुनौती के बीच मेट्रो को आधुनिक शहरी परिवहन व्यवस्था के महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में विकसित किया जा रहा है।
इंदौर में भी मेट्रो नेटवर्क का विस्तार इसी दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। यात्रियों को तेज यात्रा के साथ ट्रैफिक जाम से बचने का विकल्प मिलने की उम्मीद है।
कारोबार और रोजगार क्षेत्रों को भी फायदा
मेट्रो का विस्तार केवल यात्रियों की सुविधा तक सीमित नहीं रहेगा। बेहतर कनेक्टिविटी से व्यावसायिक क्षेत्रों तक पहुंच आसान होने पर स्थानीय कारोबार और रोजगार केंद्रों को भी फायदा हो सकता है।
किसी बड़े सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क के आसपास आर्थिक गतिविधियां बढ़ने की संभावनाएं रहती हैं। स्टेशनों के आसपास आवागमन बेहतर होने से दुकानों, कार्यालयों और दूसरी व्यावसायिक गतिविधियों तक लोगों की पहुंच आसान हो सकती है।
नियमित संचालन पर रहेंगी निगाहें
उद्घाटन के बाद अब रविवार से होने वाले नियमित संचालन पर नजर रहेगी। शुरुआती दिनों में यात्रियों की संख्या, ट्रेनों की फ्रीक्वेंसी, स्टेशनों पर उपलब्ध सुविधाएं और दूसरे परिवहन साधनों से कनेक्टिविटी जैसे पहलू महत्वपूर्ण होंगे।
नई सेवा का इस्तेमाल करने वाले यात्रियों के अनुभव से यह भी पता चलेगा कि विस्तारित कॉरिडोर शहर के दैनिक आवागमन को कितना आसान बनाता है।
इंदौर के लिए मेट्रो नेटवर्क का विस्तार शहरी परिवहन व्यवस्था में महत्वपूर्ण पड़ाव म
