दुर्ग पुलिस का बड़ा एक्शन! 8 चोरी की वारदातों का खुलासा, 32 लाख का माल और दो आरोपी गिरफ्तार

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दुर्ग। जिले में लगातार हो रही सूने मकानों की चोरी की घटनाओं का दुर्ग पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। थाना मोहन नगर और पद्मनाभपुर क्षेत्र में हुई 8 चोरी की वारदातों में शामिल दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे और निशानदेही पर करीब 32 लाख रुपये का चोरी का मशरूका, वाहन और चोरी में इस्तेमाल किए गए उपकरण बरामद किए गए हैं। पुलिस ने बताया कि लगातार हो रही चोरी की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए विशेष अभियान चलाया गया था। इस दौरान रात्रिकालीन पेट्रोलिंग, सघन नाकेबंदी, सीसीटीवी फुटेज की जांच, तकनीकी विश्लेषण और मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपियों तक पहुंच बनाई गई। Also Read – बिलासपुर में सेक्सटॉर्शन गैंग का नया खेल, महिला शिक्षिका से 76 हजार की ठगी संदिग्ध कार रोकने पर खुला चोरी का राज पुलिस के अनुसार, 10 जुलाई 2026 की रात पुलिस टीम नियमित पेट्रोलिंग और नाकेबंदी कर रही थी। इसी दौरान एक सफेद रंग की इंडिगो कार संदिग्ध हालत में दिखाई दी। पुलिस ने वाहन को रोकने का प्रयास किया तो चालक ने भागने की कोशिश की। पुलिस टीम ने तत्काल घेराबंदी कर वाहन को रोक लिया और उसमें सवार व्यक्ति को हिरासत में लिया। वाहन की तलाशी लेने पर उसमें से 2 एलईडी टीवी, एक डीवीआर, सब्बल, पेचकस और स्क्रूड्राइवर सहित चोरी में उपयोग किए जाने वाले सामान मिले। शुरुआती पूछताछ में आरोपी पुलिस को गुमराह करते रहे, लेकिन तकनीकी साक्ष्यों और कड़ी पूछताछ के बाद उन्होंने चोरी की कई घटनाओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली।
पुलिस पूछताछ में मुख्य आरोपी अनुराग मिश्रा (41 वर्ष), निवासी हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी जामुल ने बताया कि वह पहले मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव के रूप में काम करता था। इस दौरान उसे कई क्षेत्रों और कॉलोनियों की जानकारी हो गई थी। आरोपी ने बताया कि वह पहले सूने मकानों की रेकी करता था। जब उसे यह विश्वास हो जाता था कि घर में कोई मौजूद नहीं है, तब वह रात के समय सब्बल, पेचकस और अन्य उपकरणों की मदद से मकान में प्रवेश कर चोरी की वारदात को अंजाम देता था। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने आर्थिक परेशानियों और बढ़ते वित्तीय दायित्वों के चलते चोरी करना शुरू किया। आरोपी ने ऑनलाइन लोन एप्लीकेशन से कर्ज लेने और आर्थिक दबाव बढ़ने की बात भी पूछताछ में बताई है।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी चोरी किए गए सोने के आभूषणों को विभिन्न फाइनेंस कंपनियों में गिरवी रख देता था और इसके बदले राशि प्राप्त करता था। पुलिस ने वैधानिक प्रक्रिया के तहत मुथूट फाइनेंस पावर हाउस, आईआईएफएल फाइनेंस पावर हाउस, बजाज गोल्ड फाइनेंस पावर हाउस और मुथूट फाइनेंस कुम्हारी से गिरवी रखे गए आभूषण बरामद किए हैं। आरोपी ने चोरी की राशि का निवेश और निजी उपयोग करने की बात कही है। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है।
आरोपियों ने पूछताछ में निम्न मामलों में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है: थाना मोहन नगर अपराध क्रमांक 383/2026, साकेत कॉलोनी थाना पद्मनाभपुर अपराध क्रमांक 323/2026, मधुबन नगर बोरसी अपराध क्रमांक 377/2026, विराट नगर बोरसी अपराध क्रमांक 387/2026, मधुबन नगर बोरसी अपराध क्रमांक 407/2026, सुंदर नगर बोरसी अपराध क्रमांक 414/2026, मधुबन नगर बोरसी अपराध क्रमांक 415/2026, मधुबन नगर बोरसी चोरी का प्रयास अपराध क्रमांक 416/2026, जगदीश विहार धनोरा 25 लाख के सोने के आभूषण सहित बड़ी बरामदगी दुर्ग पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 168 ग्राम सोने के आभूषण जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 25 लाख रुपये है। करीब 150 ग्राम चांदी के आभूषण। 2 एलईडी टीवी। 1 डीवीआर। चोरी में इस्तेमाल सब्बल, पेचकस और स्क्रूड्राइवर। सफेद इंडिगो कार। फोर्ड इकोस्पोर्ट वाहन। एक्सेस स्कूटी। कुल मिलाकर करीब 32 लाख रुपये का मशरूका बरामद किया गया है। दूसरे आरोपी के खाते में पहुंची रकम पुलिस ने इस मामले में तुषार मिश्रा (40 वर्ष), निवासी कैलाश नगर भिलाई को भी गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार चोरी के सामान से प्राप्त राशि का कुछ हिस्सा आरोपी तुषार मिश्रा के बैंक खाते में ट्रांसफर किया गया था। उसकी भूमिका की भी जांच की जा रही है।

पुलिस टीम की रही अहम भूमिका चोरी की घटनाओं के खुलासे में थाना मोहन नगर और पद्मनाभपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस टीम ने लगातार कई दिनों तक फील्ड वर्क, सीसीटीवी विश्लेषण, संदिग्ध वाहनों की निगरानी और मुखबिरों से मिली सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई की। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी प्रमोद रुशिया, उप निरीक्षक मनोज बाजपेयी, आरक्षक आकाश, ओमप्रकाश, सर्वेश प्रजापति, जीत नारायण यादव, जमालुद्दीन और दिनेश राजपूत सहित पुलिस टीम के अन्य जवानों की सराहनीय भूमिका रही। दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से की अपील दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि घर को लंबे समय के लिए खाली छोड़ने पर पड़ोसियों और स्थानीय पुलिस को जानकारी दें। साथ ही किसी भी संदिग्ध व्यक्ति, वाहन या गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें। पुलिस ने कहा कि जिले में अपराध नियंत्रण के लिए लगातार रात्रिकालीन गश्त, नाकेबंदी और तकनीकी निगरानी अभियान जारी रहेंगे।

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