केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने कहा है कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) आज दुनिया के सबसे बड़े डिजिटल हेल्थ इकोसिस्टम में से एक बन चुका है। उन्होंने मिशन की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि देश में मजबूत डिजिटल स्वास्थ्य अवसंरचना तैयार हो चुकी है और अब अगले चरण में इसका लाभ अधिक से अधिक नागरिकों तक पहुंचाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
नई दिल्ली में आयोजित आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन संचालन समूह (MSG) की तीसरी बैठक की अध्यक्षता करते हुए नड्डा ने कहा कि डिजिटल तकनीक के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सरल, सुरक्षित और सुलभ बनाया जा रहा है।
डिजिटल हेल्थ सिस्टम को मिली नई मजबूती
जेपी नड्डा ने कहा कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन का उद्देश्य केवल डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करना नहीं, बल्कि ऐसा स्वास्थ्य तंत्र विकसित करना है, जिसमें मरीजों को देशभर में बेहतर और निर्बाध स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
उन्होंने कहा कि नागरिकों को उनके स्वास्थ्य रिकॉर्ड तक सुरक्षित और सहमति-आधारित पहुंच उपलब्ध कराना इस मिशन की सबसे बड़ी विशेषताओं में से एक है। इससे इलाज की निरंतरता बनाए रखने और डॉक्टरों को मरीज की चिकित्सा जानकारी उपलब्ध कराने में मदद मिलती है।
मिशन की अब तक की बड़ी उपलब्धियां
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, मिशन ने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं।
अब तक के प्रमुख आंकड़े इस प्रकार हैं:
- 93.95 करोड़ से अधिक ABHA (आभा) नंबर जारी।
- 105 करोड़ से अधिक स्वास्थ्य रिकॉर्ड डिजिटल रूप से लिंक।
- 5.33 लाख स्वास्थ्य सुविधाएं राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य रजिस्ट्री में पंजीकृत।
- 9.85 लाख स्वास्थ्य पेशेवर डिजिटल रजिस्ट्री से जुड़े।
- 2.72 लाख स्वास्थ्य संस्थानों ने ABDM सॉफ्टवेयर अपनाया।
- लगभग 24 करोड़ ‘स्कैन एंड रजिस्टर’ टोकन जारी, जिससे ओपीडी पंजीकरण प्रक्रिया आसान हुई।
नागरिकों को क्या होगा फायदा?
आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी और सुविधाजनक बनाना है।
इस मिशन से नागरिकों को कई लाभ मिल सकते हैं—
- डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड सुरक्षित रखने की सुविधा।
- देश के विभिन्न अस्पतालों में उपचार के दौरान रिकॉर्ड साझा करने में आसानी।
- ओपीडी पंजीकरण की तेज और सरल प्रक्रिया।
- इलाज की निरंतरता बनाए रखने में मदद।
- स्वास्थ्य सेवाओं तक आसान और डिजिटल पहुंच।
तकनीक से मिलेगा यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज को बढ़ावा
जेपी नड्डा ने कहा कि डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना स्वास्थ्य सेवाओं तक समान पहुंच सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
उन्होंने कहा कि तकनीक का उपयोग इस प्रकार किया जाना चाहिए कि प्रत्येक नागरिक को गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकें। उनके अनुसार, डिजिटल स्वास्थ्य प्रणाली भविष्य की स्वास्थ्य व्यवस्था की मजबूत नींव बनेगी।
विकसित भारत 2047 के लक्ष्य में अहम भूमिका
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत बनाना आवश्यक है।
उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्र सरकार, राज्य सरकारों और सभी हितधारकों के सहयोग से भारत एक सुरक्षित, समावेशी और आधुनिक डिजिटल हेल्थ इकोसिस्टम विकसित करेगा, जिससे हर नागरिक को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलेगा।
मुख्य बातें
- जेपी नड्डा ने आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन की प्रगति की समीक्षा की।
- मिशन को दुनिया के सबसे बड़े डिजिटल हेल्थ इकोसिस्टम में से एक बताया।
- 93.95 करोड़ से अधिक ABHA नंबर जारी।
- 105 करोड़ स्वास्थ्य रिकॉर्ड डिजिटल रूप से लिंक।
- 5.33 लाख स्वास्थ्य संस्थान और 9.85 लाख स्वास्थ्य पेशेवर डिजिटल रजिस्ट्री से जुड़े।
- 24 करोड़ से अधिक ‘स्कैन एंड रजिस्टर’ टोकन जारी।
