रूस-यूक्रेन युद्ध एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। यूक्रेन की राजधानी कीव पर रूस ने बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए, जिनमें कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई, जबकि 46 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। घायलों में पांच बच्चे भी शामिल हैं। लगातार हो रहे इन हमलों ने राजधानी में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है।
यह हमला ऐसे समय हुआ है जब तुर्की में होने वाले नाटो शिखर सम्मेलन में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की संभावित मुलाकात को लेकर दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं।
कीव में कई इलाकों को बनाया गया निशाना
यूक्रेन के शीर्ष सैन्य प्रशासक तिमुर तकाचेंको के अनुसार, रूसी हमलों ने राजधानी के कई हिस्सों को प्रभावित किया। राहत और बचाव दल 20 से अधिक स्थानों पर लगातार अभियान चला रहे हैं।
हमले के दौरान—
- कम से कम 11 लोगों की मौत हुई।
- 46 से अधिक लोग घायल हुए।
- पांच बच्चे भी घायलों में शामिल हैं।
- कई रिहायशी इमारतों को भारी नुकसान पहुंचा।
- गोदाम और गैराज वर्कशॉप भी क्षतिग्रस्त हुए।
मिसाइल और ड्रोन हमलों से मची तबाही
कीव के मेयर विटाली क्लिट्स्को ने बताया कि रूसी बैलिस्टिक मिसाइलों ने कई इमारतों को निशाना बनाया। हमलों के बाद कई अपार्टमेंट कॉम्प्लेक्स में आग लग गई और शहर के अलग-अलग हिस्सों में धुएं का गुबार दिखाई दिया।
बताया जा रहा है कि तीन बड़ी इमारतें आंशिक रूप से ढह गईं। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, कुछ नुकसान वायु रक्षा प्रणाली द्वारा रोके गए ड्रोन और मिसाइलों के मलबे के गिरने से भी हुआ।
पूरी रात गूंजते रहे धमाके
हमले के दौरान राजधानी में लगातार विस्फोटों की आवाजें सुनाई देती रहीं। बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी सुरक्षा के लिए भूमिगत बंकरों और मेट्रो स्टेशनों में शरण ली।
बचावकर्मी मलबे में फंसे लोगों को निकालने में जुटे हैं, जबकि आग बुझाने के लिए हेलीकॉप्टरों की मदद से लगातार पानी का छिड़काव किया गया।
पहले ही दी गई थी हमले की चेतावनी
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने हमले से कुछ घंटे पहले ही दावा किया था कि खुफिया एजेंसियों को संकेत मिले हैं कि रूस जल्द ही एक और बड़े हमले की तैयारी कर रहा है।
इससे पहले हुए हमलों में भी कई लोगों की जान गई थी। यूक्रेन का आरोप है कि रूस जानबूझकर नागरिक इलाकों को निशाना बना रहा है।
रूस ने क्या कहा?
रूस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि उसके हमलों का उद्देश्य यूक्रेन के सैन्य और ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाना था। रूस का दावा है कि यह कार्रवाई उसके क्षेत्रों में ऊर्जा सुविधाओं पर हुए यूक्रेनी हमलों के जवाब में की गई।
वहीं, रूस के कब्जे वाले क्रीमिया के सेवस्तोपोल क्षेत्र में भी बिजली आपूर्ति कुछ समय के लिए बाधित रही। यूक्रेन लगातार क्रीमिया में रूसी सैन्य ठिकानों पर हमले तेज कर रहा है।
NATO बैठक से पहले बढ़ी चिंता
इन हमलों ने नाटो शिखर सम्मेलन से पहले सुरक्षा चिंताओं को और बढ़ा दिया है। माना जा रहा है कि सम्मेलन में यूक्रेन को सैन्य सहायता, सुरक्षा गारंटी और रूस पर आगे की रणनीति प्रमुख मुद्दे रहेंगे।
स्थिति पर दुनिया की नजर
रूस और यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष लगातार गंभीर होता जा रहा है। आम नागरिकों पर पड़ रहे प्रभाव और बढ़ती जनहानि को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय चिंता जता रहा है। आने वाले दिनों में नाटो बैठक और संभावित कूटनीतिक बातचीत इस युद्ध की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है।
