बारिश का मौसम जहां गर्मी से राहत लेकर आता है, वहीं अपने साथ कई परेशानियां भी लेकर आता है। इनमें सबसे बड़ी समस्या है घरों में मक्खियों और मच्छरों की बढ़ती संख्या। बारिश के दौरान नमी बढ़ने, आसपास पानी जमा होने और गंदगी के कारण मच्छर और मक्खियां तेजी से पनपने लगते हैं। खासकर गांवों और खुले घरों में रहने वाले लोगों को इस समस्या का अधिक सामना करना पड़ता है।
अक्सर लोग मच्छर भगाने के लिए केमिकल युक्त स्प्रे, कॉइल और लिक्विड मशीनों का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन कई बार इनके धुएं और गंध से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां भी हो सकती हैं। ऐसे में एक आसान और घरेलू उपाय आपकी मदद कर सकता है। यह उपाय है प्याज का दीया, जिसे कई लोग पारंपरिक तरीके से कीड़े-मकोड़ों को दूर रखने के लिए इस्तेमाल करते हैं।
क्या है प्याज वाला देसी हैक?
प्याज की तेज गंध कई कीट-पतंगों को पसंद नहीं आती। यही वजह है कि घर में प्याज का विशेष तरीके से उपयोग करने पर मक्खी-मच्छरों की संख्या कम करने में मदद मिल सकती है। यह तरीका बेहद आसान और कम खर्चीला है।
कैसे बनाएं प्याज का दीया?
प्याज का दीया तैयार करने के लिए आपको ज्यादा सामान की जरूरत नहीं होगी।
आवश्यक सामग्री
- 1 बड़ा प्याज
- थोड़ा सरसों का तेल
- एक छोटी रूई की बत्ती
- एक छोटा दीपक या सुरक्षित बर्तन
बनाने की विधि
- सबसे पहले प्याज को बीच से काट लें।
- इसके बीच वाले हिस्से को थोड़ा खोखला करें।
- उसमें सरसों का तेल डालें।
- अब रूई की बत्ती लगाकर उसे जलाएं।
- इस दीये को घर के किसी सुरक्षित कोने में रखें।
प्याज और तेल की गंध वातावरण में फैलती है, जिससे कई प्रकार के कीड़े-मकोड़े दूर रहने लगते हैं।
मक्खी-मच्छर कम करने के अन्य असरदार उपाय
सिर्फ घरेलू नुस्खों पर निर्भर रहने के बजाय कुछ जरूरी सावधानियां भी अपनानी चाहिए।
घर को साफ रखें
- कूड़ा-कचरा खुले में न रखें।
- रसोई और भोजन की जगह साफ रखें।
- नालियों की नियमित सफाई करें।
पानी जमा न होने दें
- गमलों, कूलर और टंकियों में पानी जमा न रहने दें।
- छत और आंगन में जलभराव होने पर तुरंत सफाई करें।
खिड़कियों पर जाली लगाएं
- मच्छरों को घर में आने से रोकने के लिए दरवाजों और खिड़कियों पर जाली लगाना बेहद प्रभावी उपाय है।
शाम के समय सावधानी बरतें
- सूरज ढलने के बाद मच्छरों की सक्रियता बढ़ जाती है।
- इस समय दरवाजे और खिड़कियां बंद रखें।
ध्यान रखने वाली जरूरी बात
प्याज का यह उपाय घरेलू स्तर पर मददगार हो सकता है, लेकिन इसे मच्छरों से बचाव का वैज्ञानिक या स्थायी समाधान नहीं माना जा सकता। डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों से बचने के लिए साफ-सफाई और मच्छर नियंत्रण के प्रमाणित उपायों को प्राथमिकता देना जरूरी है।
