मध्य प्रदेश : मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने उज्जैन प्रवास के दौरान राम घाट का दौरा किया और हरसिद्धि पाल से राम घाट तक चल रहे सड़क चौड़ीकरण कार्य का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सभी विकास कार्यों को गुणवत्ता मानकों के साथ समय पर पूरा किया जाना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो और निर्माण कार्य की गति को तेज किया जाए।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि यह सड़क चौड़ीकरण कार्य विशेष रूप से सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत किया जा रहा है। उनका कहना था कि इस परियोजना का उद्देश्य आने वाले वर्षों में उज्जैन आने वाले तीर्थयात्रियों और स्थानीय नागरिकों दोनों के लिए बेहतर यातायात सुविधा उपलब्ध कराना है।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार उज्जैन जैसे धार्मिक और ऐतिहासिक शहरों के विकास कार्यों की लगातार निगरानी कर रही है, ताकि सभी परियोजनाएं समय पर पूरी हों और उनका लाभ लंबे समय तक जनता को मिल सके।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि विकास कार्यों के दौरान स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने निर्माण एजेंसियों को निर्देश दिया कि कार्य में आधुनिक तकनीक और उच्च गुणवत्ता सामग्री का उपयोग किया जाए।
राम घाट और उसके आसपास के क्षेत्रों को पर्यटन और धार्मिक दृष्टि से और अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए यह परियोजना महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, इस योजना के पूरा होने के बाद क्षेत्र में यातायात व्यवस्था बेहतर होगी और श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव मिलेगा।
मुख्यमंत्री के इस निरीक्षण को उज्जैन के विकास कार्यों को गति देने के रूप में देखा जा रहा है। स्थानीय लोगों और प्रशासन को उम्मीद है कि सिंहस्थ 2028 से पहले यह परियोजनाएं शहर को नई पहचान देंगी।
