राजस्थान रॉयल्स (आरआर) के कप्तान रियान पराग को वेपिंग (ई-सिगरेट का इस्तेमाल करना) की सजा मिली है। वह मंगलवार को आईपीएल 2026 में पंजाब किंग्स (पीबीकेएस) के खिलाफ मैच के दौरान ड्रेसिंग रूम में ई-सिगरेट पीते हुए पकड़े गए थे। भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) ने गुरुवार को 24 वर्षीय पराग के खिलाफ एक्शन लेते हुए मैच फीस का 25 प्रतिशत जुर्माना ठोका। उनके खाते में एक डिमेरिट अंक भी जोड़ गया है। पराग को खेल की छवि को नुकसान पहुंचाने का दोषी ठहराया गया है। पराग ने आईपीएल की आचार संहिता के लेवल 1 का उल्लंघन किया। आचार संहिता के नियम 2.21 में कहा गया है कि यह नियम उन सभी प्रकार के आचरणों को अपने दायरे में लाने के लिए बनाया गया है जिनसे खेल की छवि को नुकसान पहुंचता है और जिनका उल्लेख आचार संहिता में कहीं और (विशेष रूप से नियम 2.20 में) स्पष्ट रूप से नहीं किया गया है।
पराग को ड्रेसिंग रूप में ई-सिगरेट से कश लगाना बहुत महंगा पड़ा है। उन्हें तकरीब 25 लाख रुपये का जुर्माना देना है। दरअसल, पराग का आईपीएल सीजन के लिए आरआर से 14 करोड़ रुपये का कॉन्ट्रैक्ट है। हर मैच की फीस लगभग 1 करोड़ रुपये है, जिसका मतलब है कि 25 प्रतिशत जुर्माना लगभग 25 लाख रुपये होगा। पराग का अपराध लेवल एक का अपराध था इसलिए किसी सुनवाई की जरूरत नहीं पड़ी। आईपीएल ने एक बयान में कहा, ”रियान ने अपराध और मैच रेफरी अमित शर्मा द्वारा दी गई सजा को स्वीकार कर लिया है।” पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, मैदानी अंपायर तन्मय श्रीवास्तव और नितिन मेनन ने मैच खत्म होने के तुरंत बाद मैच रेफरी अमित शर्मा को इस मामले की शिकायत नहीं की थी। उन्होंने ऐसा तब किया जब उन्होंने इसका वीडियो सबूत देखा। इसके बाद शर्मा ने आईपीएल के नियमों के अनुसार आचार संहिता का उल्लंघन करने के लिए पराग को दोषी पाया।
राजस्थान रॉयल्स पर भी गाज गिर सकती है। बयान के अनुसार, ”आईपीएल की साख को बनाए रखने के लिए बीसीसीआई गलती करने वाली टीम, उसके अधिकारियों और खिलाड़ियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए दूसरे विकल्पों पर भी विचार कर रहा है।” जब पीटीआई ने बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया से आरआर के खिलाफ संभावित कार्रवाई के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा, ”जैसा कि बयान में साफ-साफ लिखा है हम इस बात पर विचार कर रहे हैं कि टीम के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाए। अभी इस पर कोई फैसला नहीं हुआ है।” गौरतलब है कि भारत सरकार ने 2019 में ई-सिगरेट पर बैन लगा दिया था जिसके तहत इनका उत्पादन, बिक्री और वितरण पूरी तरह से वर्जित है। कानून के अनुसार, पहली बार अपराध करने पर दोषी को एक साल तक की जेल और/या एक लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।
