भाजपा के 47वें स्थापना दिवस पर पार्टी अध्यक्ष, प्रधानमंत्री और नेताओं ने दोहराया ‘राष्ट्र प्रथम’ का संकल्प

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नयी दिल्ली, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के 47वें स्थापना दिवस के मौके पर पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के साथ-साथ कई वरिष्ठ नेताओं ने पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को शुभकामनाएं दीं और ‘राष्ट्र प्रथम’ के संकल्प को दोहराया।

श्री नवीन ने इस मौके पर भाजपा मुख्यालय पर कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए ‘राष्ट्र सर्वोपरि’ के संकल्प को दोहराया और ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए एकजुट होकर काम करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जनसंघ से लेकर दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बनने तक का यह सफर कार्यकर्ताओं के त्याग और समर्पण का परिणाम है।

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो और असम में एक चुनावी रैली के माध्यम से कार्यकर्ताओं को बधाई दी और राष्ट्र प्रथम का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा हमेशा ‘राष्ट्र प्रथम’ के सिद्धांत पर चलते हुए समाज सेवा में अग्रणी रही है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं की निस्वार्थ सेवा, समर्पण और सुशासन के प्रति प्रतिबद्धता की सराहना करते हुए कहा कि कार्यकर्ताओं के अथक प्रयासों ने पार्टी को आज इस मुकाम तक पहुंचाया है। उन्होंने उन अनगिनत कार्यकर्ताओं को भी याद किया, जिनके त्याग और बलिदान ने पार्टी के विकास को आकार दिया।

श्री मोदी ने कहा कि भाजपा एक ऐसी पार्टी के रूप में खड़ी है जो लोगों की भलाई को अपने दृष्टिकोण के केंद्र में रखती है। यह केंद्र और विभिन्न राज्यों में हमारे काम में भी झलकता है। भाजपा एक ‘विकसित भारत’ बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, ‘हमारा सामूहिक संकल्प इस दृष्टिकोण को आगे बढ़ाता रहे और भारत को प्रगति और समृद्धि की नई ऊंचाइयों पर ले जाए।’

गृह मंत्री अमित शाह ने अपने संदेश में कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पंडित दीनदयाल उपाध्याय की विचारधारा से प्रेरित भाजपा केवल एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि राष्ट्र पुनर्निर्माण का संकल्प है। उन्होंने कहा कि पार्टी भारतीय संस्कृति और मूल्यों के पुनर्स्थापन के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

ज्ञात रहे कि छह अप्रैल 1980 को भाजपा की स्थापना हुई थी, जो भारतीय जनसंघ की वैचारिक विरासत से आगे बढ़ी। आज भाजपा देश की प्रमुख राजनीतिक पार्टियों में शामिल है और केंद्र समेत कई राज्यों में सरकार चला रही है।

स्थापना दिवस के अवसर पर भाजपा नेताओं ने संगठन की विचारधारा, कार्यकर्ताओं की भूमिका और ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को दोहराते हुए भविष्य की दिशा स्पष्ट की। पार्टी ने एक बार फिर ‘राष्ट्र प्रथम’ को अपनी मूल भावना बताया।

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