आजकल कुछ भी खाने से पहले मिलावट का डर सताना स्वाभाविक है। लोग दूध, चिकन या अंडे जैसे एनिमल प्रोडक्ट्स कंज्यूम करने से भी डरते हैं, क्योंकि हर कोई जानता है कि प्रोडक्शन बढ़ाने के लिए गाय और मुर्गियों को हार्मोन इंजेक्शन दिए जाते हैं। सोशल मीडिया पर आय दिन वायरल होने वाली आधी-अधूरी जानकारी लोगों के डर को और ज्यादा बढ़ा देती है। जिस वजह से लोग अंडा, चिकन और यहां तक कि दूध से भी परहेज करने लगते हैं और इन्हें नुकसानदायक बताने लगते हैं। कैंसर सर्जन डॉ जयेश शर्मा ने इसी बारे में जानकारी साझा की है। असल सच्चाई क्या है, इन ग्रोथ इंजेक्शनों का हमारी सेहत पर कितना असर पड़ता है, डॉक्टर ने पूरे तथ्य सामने रखे हैं।
गायों को आमतौर पर ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन दिए जाते हैं, जो दूध के प्रोडक्शन को बढ़ाते हैं। ये ग्रोथ हार्मोन इंजेक्शन से इसलिए दिया जाता है, क्योंकि खाने के जरिए ये एब्जॉर्ब नहीं हो पाता है। डॉक्टर कहते हैं कि दूध में भी इसका सीक्रेशन काफी कम होता है। जो थोड़ा बहुत होता भी है वो हमारी बॉडी में एब्जॉर्ब नहीं होता। यानी हमारी सेहत पर इसका कोई असर नहीं होता है।
इसके अलावा गायों को ग्रोथ हार्मोन भी दिए जाते हैं, जो उन्हें जल्दी बड़ा करने में मदद करते हैं। लेकिन गायों और इंसानों के ग्रोथ हार्मोन अलग-अलग होते हैं, इसलिए ये दूध में आएं भी तो सेहत पर कोई असर नहीं होता है। हालांकि ग्रोथ हार्मोन ज्यादा देने की वजह से गायों में IGF 1 बढ़ता है, लेकिन इसकी मात्रा भी काफी कम होती है, जिससे सेहत पर कोई असर नहीं पड़ता।
डॉ जयेश कहते हैं कि हमें यह समझना जरूरी है कि हर बार ग्रोथ इंजेक्शन का इस्तेमाल नहीं होता है। चिकन का साइज बड़ा है तो इसका मतलब ये नहीं कि इंजेक्शन ही दिया गया होगा। किसी पोल्ट्री फार्मर के लिए सबसे आसान है कि वो ब्रीडिंग के जरिए बड़े चिकन प्रोड्यूस करे। यही वजह है कि आजकल चिकन का साइज पहले से ज्यादा बड़ा हो गया है।
मॉडर्न डेयरी और पोल्ट्री से सबसे बड़ी समस्या जो पैदा हो रही है वो है एंटीबायोटिक मिसयूज। डॉक्टर कहते हैं कि इन दोनों इंडस्ट्रीज में एंटीबायोटिक का जरूरत से ज्यादा और बेवजह इस्तेमाल किया जाता है, जिससे एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस की समस्या बढ़ती जा रही है। ये सामाजिक तौर पर एक समस्या है लेकिन दूध पीने या चिकन खाने वाले व्यक्ति को अकेले कोई समस्या नहीं है।
इस चीज से बचने की जरूरत है
डॉक्टर कहते हैं कि हमें सबसे ज्यादा डरने की जरूरत मिलावट और खराब क्वालिटी से है। इसलिए हमेशा एक अच्छे और विश्वनीय सोर्स से ही खाने की चीजें खरीदनी चाहिए। बाकी आधी-अधूरी जानकारी से बचें और बिना डर के अंडा, चिकन और दूध जैसी चीजें अपनी डाइट में शामिल करें।
