Banking Sector: सरकारी बैंकों में फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट (foreign direct investment) को 20 प्रतिशत से बढ़ाकर 49 प्रतिशत करने की चर्चा हो रही है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार सरकार के अंदरखाने इसकी चर्चा हो रही है। फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्रेटरी एम नागाराजू ने सोमवार को यह जानकारी रॉयटर्स के साथ साझा किया है।
उन्होंने कहा, “सरकार की तरफ से PSU बैंक में FDI की लिमिट को 20 प्रतिशत से बढ़ाकर 49 प्रतिशत करने के लिए अंतर-मंत्रालयी परामर्श लिया जा रहा है।” बता दें, इससे पहले खबर आई थी कि सरकार इस मसले पर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के साथ-साथ देश के बैकों के साथ चर्चा कर रही है। हालांकि, अभी तक कुछ भी फाइनल नहीं है।
वित्त मंत्री ने रविवार बजट में एक हाई लेवल कमिटी बनाने का ऐलान किया। यह कमिटी देश के बैंकिंग सेक्टर का रिव्यू करेगी। साथ ही अगले चरण के ग्रोथ की तैयारी को लेकर सलाह देगी।
दुबई से आया है बैंकिंग सेक्टर में बड़ा निवेश
विदेशी निवेशक भी भारत के बैकिंग सेक्टर को लेकर काफी उत्साहित नजर आ रहे हैं। बीते साल ही दुबई के Emirates NBD ने 3 बिलियन डॉलर में आरबीएल बैंक का 60 प्रतिशत हिस्सा खरीदा था। मौजूदा समय में प्राइवेट बैंकों में FDI के निवेश की लिमिट 74 प्रतिशत है। वहीं, किसी अकेले FII के लिए लिमिट 15 प्रतिशत है। हालांकि, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के परमिशन से इसे बढ़ाया जा सकता है।
फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्रेटरी के अनुसार सरकार का फोकस है कि पब्लिक सेक्टर बैंक में FDI की हिस्सेदारी बढ़ाई जाए। बता दें, अगर FDI हिस्सेदारी बढ़ता है तब पब्लिक सेक्टर बैंक में आने वाले समय में अच्छा खासा इन्वेस्टमेंट देखने को मिल सकता है।
भारत में 12 सरकारी बैंक
इस समय देश में कुल 12 सरकारी बैंक हैं। मार्च 2025 के डाटा के अनुसार कुल एसेट 1.71 लाख करोड़ रुपये का है। जोकि बैंकिंग सेक्टर के 55 प्रतिशत हिस्से के बराबर है।
