Nipah Virus Outbreak India 2026: भारत के पश्चिम बंगाल में जानलेवा निपाह वायरस के 5 मामले सामने आए हैं, जिसमें डॉक्टर और नर्स भी शामिल हैं। इन सभी में से एक की हालत नाजुक बताई जा रही है और करीब 100 लोगों को होम क्वारंटीन में रखा गया है। 11 जनवरी 2026 को बंगाल में 2 मामले सामने आए थे, उसके बाद से ही स्वास्थ्य टीम एक्टिव हो गई थी। बता दें, निपाह वायरस नया नहीं है लेकिन ये काफी खतरनाक माना जाता है और इसके लिए अभी तक कोई वैक्सीन या इलाज मौजूद नहीं है। ये एक जूनोटिक संक्रमण है, जिसकी मृत्यु दर 75 प्रतिशत मानी जाती है और ये जानवरों से इंसानों और कुछ केसेस में इंसानों से इंसानों में फैलता है। निपाह वायरस को लेकर लोगों के बीच काफी भ्रम और लक्षण को लेकर अफवाह फैली हुई हैं, जो सभी सच नहीं है। निपाह वायरस के केसेस ने भारत में दस्तक दी है, ऐसे में हर किसी को सतर्क रहना चाहिए और इसके सही लक्षणों के बारे में जानकारी होनी चाहिए। चलिए बताते हैं निपाह वायरस के शुरुआती लक्षण क्या हैं और ये कितना खतरनाक हो सकता है।
क्या है निपाह वायरस और कितना खतरनाक?
निपाह वायरस फल खाने वाले चमगादड़ से फैलने वाली खतरनाक बीमारी है। अगर चमगादड़ की लार या मल से दूषित फल खा लेते हैं, तो निपाह वायरस शरीर में फैल सकता है। ये इस बीमारी के प्राकृतिक वाहक है और फिर ये संक्रमण इंसान से इंसान और जानवरों में फैल जाती है। सूअर से भी इस संक्रमण के फैलने की आशंका होती है। निपाह वायरस के सबसे पहले मामले 1999 मलेशिया में आए थे और भारत में भी इसके कई मामले आ चुके हैं। WHO ने इसे हाई-रिस्क पैथोजन माना है, अब तक इसके लिए कोई वैक्सीन या इलाज मौजूद नहीं है।
लक्षण क्या हैं
निपाह वायरस के शुरुआती लक्षण काफी सामान्य होते हैं, जिसे आमतौर पर लोग इग्नोर कर देते हैं। फिर ये लक्षण गंभीर रूप ले लेते हैं और इंसान की मौत भी हो सकती है। इस संक्रमण से जुड़ा मृत्यु दर प्रतिशत ज्यादा है। चलिए आपको लक्षणों के बारे में बताते हैं।
– तेज बुखार व सिरदर्द
– उल्टी या मतली
– गले में दर्द
– सांस लेने में तकलीफ या फूलना
– चक्कर आना या बेहोशी, दिमाग में सूजन, भ्रम या दौरे (इसे एन्सेफलाइटिस कहते हैं)
बचाव कैसे करें
-कटे हुए फल खाने से बचें और फलों को धोकर ही खाएं।
-हाथों को अच्छे से साफ करें और फिर कोई भी चीज खाएं।
-गुनगुना पानी पिएं, जिससे कोई इंफेक्शन न फैलें।
-बीमार और मरे हुए जानवरों से दूर रहें।
-खुले में रखी हुई कोई भी चीज खाने या पीने से बचें।
-बुखार या संदिग्ध लक्षण दिखने पर जांच कराएं
