रायपुर, आम आदमी पार्टी (आप) ने पिछले माह छत्तीसगढ़ में रायगढ़ जिले के तमनार प्रखंड में जिंदल की कोयला खदान के विरोध में हुई हिंसा की निष्पक्ष न्यायिक जांच की मांग की है। पार्टी ने आरोप लगाया कि निर्दोष युवकों को फंसाया गया है, जबकि वास्तविक मुद्दे को दबाया जा रहा है।
आप ने आरोप लगाया कि जिंदल की कोयला खदान के विरोध में हुई हिंसा की घटना एक फर्जी जनसुनवाई से शुरू हुई, जिसे उद्योगपति नवीन जिंदल के हितों को ध्यान में रखकर अंजाम दिया गया। आप की प्रवक्ता प्रियंका शुक्ला ने कहा कि दिसंबर में हुई जनसुनवाई की सूचना मात्र चार दिन पहले दी गई और इसमें जिंदल समर्थक मुट्ठीभर लोगों ने ही भाग लिया। जब ग्रामीणों को विरोध करने पर पुलिस ने कार्रवाई की तो 27 दिसंबर को हालात बिगड़ गए।
आप नेता ने कहा कि महिला पुलिसकर्मी के साथ हुई घटना निंदनीय है, लेकिन आंदोलनकारी महिलाओं के साथ भी पुलिस ने अमानवीय व्यवहार किया। ग्रामीण महिलाओं का कहना है कि उनकी साड़ियां फाड़ी गईं और उनके साथ बल प्रयोग किया गया। उस पर भी कार्रवाई हो।
पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष अभिषेक मिश्रा ने एक गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि घटनाक्रम में जिंदल की कोयला ट्रक से एक 70 साल के बुजुर्ग घायल हुए थे, जिनकी 4 जनवरी को मौत हो गई है। उन्होंने कहा कि इस मौत पर चुप्पी क्यों?
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि दो निर्दोष युवकों चिनैश खमारी और कीर्ति श्रीवास को फंसाया गया है, जबकि वास्तविक मुद्दे को दबाया जा रहा है। पार्टी 12 जनवरी को इन मुद्दों पर लिखित ज्ञापन देगी।
