ऑपरेशन सिन्दूर में केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों के योगदान की सराहना की राष्ट्रपति मुर्मु ने

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नयी दिल्ली, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने ऑपरेशन सिन्दूर को आतंकवाद के विरुद्ध मानवता की विजय का स्वर्णिम अध्याय बताते हुए इस अभियान में सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के योगदान की सराहना की है।श्रीमती मुर्मु ने शुक्रवार को राजधानी में केन्द्रीय सार्वजनिक उपक्रमों के फोरम ‘स्कोप’ द्वारा आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि सार्वजनिक उपक्रम ‘आत्मनिर्भर भारत’ बनाने और ‘मेक इन इंडिया’ के राष्ट्रीय अभियान में केन्द्रीय सार्वजनिक उपक्रम महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
राष्ट्रपति ने रक्षा क्षेत्र के सार्वजनिक उपक्रमों का विशेष रूप से योगदान करते हुए कहा कि ऑपरेशन सिन्दूर में आतंकवादी ठिकानों को नष्ट करने और भारत पर हमले के प्रयासों को पूरी तरह नाकाम कर दिया गया। इस अभियान के दौरान पूरी तरह भारत में विनिर्मित आकाश-तीन नामक वायुरक्षा नियंत्रण एवं रिपोर्टिंग प्रणाली की अचूक क्षमता के प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए राष्ट्रपति ने कहा, “ इस सिस्टम के निर्माण में सार्वजनिक उपक्रमों की भूमिका रही है। यह सभी सार्वजनिक उपक्रमों के लिए विशेष गर्व की बात है।”
श्रीमती मुर्मु ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा में आत्मनिर्भर नवाचार तथा तकनीक के क्षेत्र में देश की बढ़ती आत्मनिर्भरता में सार्वजनिक उपक्रमों ने अपना योगदान सिद्ध किया है।
स्वदेशी और आत्मनिर्भरता के सिद्धांत को सार्वजनिक उपक्रमों का मूल मंत्र बताते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि 2047 तक विकसित भारत का निर्माण करने में केंन्द्रीय सार्वजनिक उपक्रमों की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी।
उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के बाद से, सार्वजनिक क्षेत्र आर्थिक विकास और सामाजिक समावेशन का एक सशक्त माध्यम रहा है। सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों ने औद्योगीकरण, अवसंरचना विकास, सामाजिक उत्थान और संतुलित क्षेत्रीय विकास की नींव रखी है।
समय के साथ, इन उद्यमों का विकास और परिवर्तन हुआ है। सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों से सरकार और समाज की अपेक्षायें भी बदली हैं। उन्हें यह जानकर प्रसन्नता हुई कि इन सभी परिवर्तनों के बीच, सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम अपने प्रदर्शन के माध्यम से आर्थिक और राष्ट्रीय लक्ष्यों को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों ने कृषि, खनन और अन्वेषण, विनिर्माण, प्रसंस्करण और उत्पादन तथा सेवाओं के महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है। उनसे यह अपेक्षा की जाती है कि उनके निर्णय राष्ट्र निर्माण के लिए समर्पित होंगे, कार्य नैतिकता पर आधारित होंगे और सोच संवेदनशीलता और समाज सेवा से प्रेरित होगी।
श्रीमती मुर्मु ने आज यहां वर्ष 2022-23 के लिए स्कोप एमिनेंस पुरस्कार प्रदान किये। उन्होंने सतत विकास, कॉर्पोरेट प्रशासन, कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व और नवाचार जैसे विविध आयामों में अच्छे प्रदर्शन को सम्मानित करने के लिए स्कोप की सराहना की। पुरस्कृत इकाइयों का चयन उच्चतम न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश टीएस ठाकुर की अध्यक्षता में गठित निर्णायक मंडल ने किया। राष्ष्ट्रपति ने चयन समिति के काम की सराहना की।

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