ऑनलाइन सट्टेबाजी अब दंडनीय अपराध बन गई है। दरअसल, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ऑनलाइन गेमिंग बिल को मंजूरी दे दी है, जिससे ऑनलाइन सट्टेबाजी दंडनीय अपराध हो जाएगी। ईटी सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंगलवार को गेमिंग बिल को मंजूरी दी। यह विधेयक कल यानी 20 अगस्त को लोकसभा में पेश किए जाने की संभावना है। यह बिल ऐसे समय में पास हुआ है जब हाल के महीनों में इसपर जांच एजेंसियां भी सख्त नजर आ रही हैं। जांच एजेंसियां ऐसे एप्लीकेशनों को बढ़ावा देने वाली मशहूर हस्तियों के खिलाफ कार्रवाई बढ़ा रही हैं।
जांच एजेंसी एक्शन मोड में
जांच एजेंसियां विभिन्न अवैध सट्टेबाजी ऐप से जुड़े कई ऐसे मामलों की जांच कर रही है, जिनमें लोगों और निवेशकों से करोड़ों रुपये की ठगी किए जाने या भारी मात्रा में कर चोरी का आरोप है। हाल ही में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पूर्व भारतीय क्रिकेटर सुरेश रैना से कथित अवैध सट्टेबाजी ऐप से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आठ घंटे से अधिक पूछताछ की है।
जानकारी के मुताबिक संघीय जांच एजेंसी ने एक अवैध सट्टेबाजी ऐप (1एक्सबेट) से जुड़ी जांच के सिलसिले में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत उनका बयान दर्ज किया। ऐसा माना जा रहा है कि पूर्व भारतीय क्रिकेटर कुछ विज्ञापनों के जरिए इस ऐप से जुड़े हुए हैं। एजेंसी ने हाल ही में इस जांच के तहत गूगल और मेटा के प्रतिनिधियों को पूछताछ के लिए बुलाया था। वहीं, परिमैच नामक एक ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप के खिलाफ इसी तरह की जांच के सिलसिले में कई राज्यों में तलाशी भी ली थी।
22 करोड़ भारतीय यूजर्स
बाजार विश्लेषण कंपनियों और जांच एजेंसियों के अनुमान के अनुसार ऐसे अलग-अलग ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप्स के लगभग 22 करोड़ भारतीय यूजर्स हैं, जिनमें से आधे (लगभग 11 करोड़) नियमित यूजर्स हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, भारत में ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप का बाजार 100 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक का है और 30 प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है। सरकार ने पिछले महीने संसद को बताया था कि उसने ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुए मंच को ब्लॉक करने के लिए 2022 से जून 2025 तक 1,524 आदेश जारी किए हैं।
